छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर, नारायणपुर के BSF कैंप जलमग्न; कई जिलों में अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। नारायणपुर जिले में बाढ़ के पानी से सीमा सुरक्षा बल (BSF) के कई कैंप जलमग्न हो गए, जिसके चलते जवानों को अपनी जान बचाने के लिए पेड़ों और कैंप की छतों पर शरण लेनी पड़ी। बाद में राहत दल ने सभी जवानों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
नारायणपुर में बाढ़ से BSF कैंप प्रभावित, जवानों का रेस्क्यू
लगातार बारिश के कारण नारायणपुर में बाढ़ की स्थिति बन गई, जिससे बीएसएफ के कई कैंप पानी में डूब गए। जवानों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए विशेष बचाव अभियान चलाया गया। राहत दल ने रस्सियों और अन्य संसाधनों की मदद से सभी जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं आरंग क्षेत्र के निसदा गांव में बाढ़ के पानी से घिरे एक परिवार के छह सदस्यों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने मोटरबोट के जरिए सुरक्षित निकाला।
अगले दो दिन बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार विदर्भ और उससे लगे मध्य प्रदेश क्षेत्र में सक्रिय गहरे निम्न दबाव प्रणाली तथा मानसून ट्रफ के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। शनिवार को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने अगले दो दिनों तक मौसम का यही रुख बने रहने का अनुमान जताया है।
नदियां उफान पर, कई जिलों में बढ़ा खतरा
लगातार वर्षा के कारण रायगढ़ और सारंगढ़ के बीच महानदी का जलस्तर खतरे के करीब पहुंच गया है। दंतेवाड़ा के अरनपुर-जगरगुंडा मार्ग पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जबकि कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। राजधानी रायपुर में भी दिनभर बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इस मानसून सीजन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला सबसे अधिक वर्षा वाला जिला रहा है, जहां सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।











