दुर्ग की बैंक में 85 लाख का गबन: रिकवरी एजेंटों ने 240 ग्राहकों से वसूली कर खुद बांट ली रकम, छह आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में ईसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में करीब 85 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आया है। बैंक के रिकवरी एजेंटों ने ग्राहकों से लोन की रकम वसूलकर बैंक में जमा करने की बजाय आपस में बांट ली। पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य की तलाश की जा रही है।
बैंक प्रबंधन ने यह मामला तब दर्ज कराया जब कई ग्राहकों ने बताया कि उन्होंने लोन की रकम पहले ही चुका दी थी, जबकि बैंक के रिकॉर्ड में उनका भुगतान बकाया दिखाया जा रहा था। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक मोहित देशमुख ने पुलगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पता चला कि 24 मई 2024 से 24 जून 2025 के बीच 240 ग्राहकों से करीब 84 लाख 98 हजार 940 रुपये वसूले गए, लेकिन यह रकम बैंक में जमा नहीं की गई।
आरोपियों ने ग्राहकों से वसूली के बाद रकम अपने निजी उपयोग में खर्च कर दी। पुलिस ने इस मामले में टीकाराम पाटले (35), आकाश नायक (30), ओमप्रकाश कोसरे (21), आर्या गोस्वामी (25), रेशमा वर्मा (25) और अंकिता पासवान (22) को गिरफ्तार किया है। बाकी चार आरोपी अभी भी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है।
एएसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि सभी आरोपी बैंक में रिकवरी एजेंट के तौर पर काम कर रहे थे। उन्होंने अपनी ड्यूटी का गलत इस्तेमाल करते हुए ग्राहकों से वसूली की राशि का गबन किया। पुलिस ने धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
बैंक प्रबंधन ने कहा है कि वह सभी आरोपियों से रकम की वसूली करने के लिए कानूनी कदम उठाएगा। यह घटना बैंकिंग सिस्टम की निगरानी और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़ा करती है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि ऐसे वित्तीय अपराध दोबारा न हों।











