रीवा : हत्या या साजिश? कल्लू यादव की मौत ने पूरे गांव को दो गुटों में बांटा

रीवा : जिले के गढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरुर कोठार में हुई कल्लू उर्फ हीरामणि यादव की संदिग्ध मौत का मामला अब एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है.जहाँ एक ओर मृतक के परिजनों ने इसे हत्या करार दिया है, वहीं दूसरी ओर गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सरपंच पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
बीती 4 मार्च को ग्राम देवरुर निवासी कल्लू उर्फ हीरामणि यादव का शव उसके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था. शुरुआत में मृतक के परिजनों ने गांव के ही कुछ रसूखदार लोगों पर मारपीट और हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस जांच जारी है, लेकिन अब दूसरे पक्ष के सामने आने से मामला पेचीदा हो गया है.
ग्रामीणों का पक्ष: “हमें झूठे केस में फंसाया जा रहा है”
आज भारी संख्या में ग्रामीण, जिनमें महिलाएं और आदिवासी समाज के लोग भी शामिल थे, रीवा एसपी कार्यालय पहुंचे. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ग्राम पंचायत की महिला सरपंच के पति, लक्ष्मण यादव, अपनी राजनीतिक और पारिवारिक रंजिश निकालने के लिए निर्दोष ग्रामीणों, आदिवासियों और यहाँ तक कि पढ़ने वाले बच्चों को हत्या के झूठे केस में फंसाने की साजिश रच रहे हैं.
ग्रामीणों ने दावा किया कि सरपंच पति के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे हमेशा चालू रहते थे, लेकिन घटना वाले दिन (3-4 मार्च) वे रहस्यमयी तरीके से बंद थे. ग्रामीणों ने मांग की है कि इस बात की जांच हो कि कैमरे उसी दिन क्यों बंद किए गए?
आपसी रंजिश: बताया जा रहा है कि मृतक और सरपंच पति आपस में चचेरे भाई हैं और उनके बीच पिछले 4-5 वर्षों से जमीन और चरित्र को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था.ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी आपसी लड़ाई है जिसमें पूरे गांव को घसीटा जा रहा है.
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