जम्मू-कश्मीर में 25 आतंकियों की तलाश, राजौरी-पुंछ से कठुआ तक जंगलों में सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबल करीब 25 आतंकियों की तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट के मुताबिक, इन आतंकियों में चार स्थानीय और 21 पाकिस्तानी आतंकी हैं. ये सभी जम्मू संभाग के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय बताए जा रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियां राजौरी-पुंछ से कठुआ तक जंगलों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं.

जानकारी के मुताबिक, चार स्थानीय आतंकियों में तीन पुराने आतंकी हैं, जिनके हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े होने की जानकारी है. इनमें किश्तवाड़ इलाके में सक्रिय जहांगीर सरूरी और उसका ग्रुप शामिल है. वहीं, एक अन्य स्थानीय आतंकी कठुआ और उधमपुर के बीच के इलाके में सक्रिय है. उसकी पहचान निक्कू के रूप में हुई है.

इनपुट के मुताबिक, निक्कू लंबे समय तक पाकिस्तान में रहकर आतंकी प्रशिक्षण लेने के बाद करीब दो साल पहले भारत लौटा था. ऑपरेशन सोहन के दौरान 17 सितंबर को सुरक्षाबलों ने उसे घेर लिया था, लेकिन वह सुरक्षा घेरा तोड़कर भागने में कामयाब रहा.

पीर पंजाल से कठुआ तक फैले आतंकी ग्रुप

वहीं, बचे हुए 21 पाकिस्तानी आतंकियों में से छह से आठ आतंकी पीर पंजाल रेंज, खासकर राजौरी और पुंछ के इलाकों में सक्रिय हैं. रियासी में करीब दो आतंकियों की मौजूदगी का इनपुट मिला है. वहीं, डोडा जिले में हाल ही में दो से तीन आतंकियों के एक नए ग्रुप के दाखिल होने की जानकारी सामने आई है. किश्तवाड़ में जहांगीर सरूरी के अलावा जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक ग्रुप के सक्रिय होने का भी इनपुट है.

बताया जा रहा है कि इस ग्रुप में दो से तीन आतंकी हैं. वहीं, उधमपुर और कठुआ के बीच करीब तीन आतंकी ग्रुप सक्रिय हैं. इनमें दो से तीन आतंकी शामिल हैं, जो लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं. कभी उधमपुर तो कभी कठुआ के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में उनकी गतिविधियां सामने आ रही हैं.

इनपुट के मुताबिक, आतंकियों के इन अलग-अलग ग्रुपों को ट्रैक करने के लिए सुरक्षाबलों ने राजौरी, पुंछ, रियासी, रामबन, किश्तवाड़, डोडा, उधमपुर और कठुआ के जंगलों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है. फिलहाल सुरक्षाबलों का फोकस आतंकियों की लोकेशन का पता लगाकर उन्हें घेरने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर है.

2026 में अब तक 15 आतंकी ढेर, अभियान जारी

जम्मू-कश्मीर में साल 2026 आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई का साल रहा है. 1 जनवरी से 22 सितंबर तक जम्मू संभाग से लेकर कश्मीर घाटी और LoC तक कई ऑपरेशन चलाए गए. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस दौरान अलग-अलग मुठभेड़ों और घुसपैठ रोधी अभियानों में कम से कम 15 आतंकवादी मारे जा चुके हैं.

साल की शुरुआत में ही जम्मू संभाग में आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज हुआ. 23 जनवरी को कठुआ के बिलावर के परहेतर इलाके में संयुक्त अभियान के दौरान जैश-ए-मोहम्मद का पाकिस्तानी आतंकी उस्मान उर्फ अबू माविया मारा गया.

इसके बाद 4 फरवरी को उधमपुर के बसंतगढ़ के जोफर जंगल में ऑपरेशन के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी मारे गए. इसी दिन किश्तवाड़ के छतरू इलाके में हुई अलग मुठभेड़ में एक और आतंकी ढेर हुआ. 22 फरवरी को किश्तवाड़ के छतरू इलाके में ऑपरेशन त्राशी-I के दौरान तीन आतंकी मारे गए, जिनमें जैश का कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल था.

मार्च, अप्रेल, मई और जुलाई में एक-एक ढेर

वहीं, मार्च में LoC पर भी घुसपैठ की कोशिशें हुईं. 10 मार्च को राजौरी के नौशेरा के झांगर सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश नाकाम करते हुए एक आतंकी मारा गया. इसके बाद 14-15 मार्च को उरी के बुच्छार इलाके में एक और पाकिस्तानी आतंकी ढेर किया गया.

31 मार्च की रात से 1 अप्रैल तक गांदरबल के अरहामा इलाके में हुई मुठभेड़ में भी एक आतंकी मारा गया. इस ऑपरेशन को लेकर बाद में सवाल उठे और मामले की जांच की मांग भी की गई. वहीं, 12 मई को पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में LoC पार करने की कोशिश कर रहे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में एक पाकिस्तानी आतंकी मारा गया.

इसके बाद जुलाई में कश्मीर घाटी में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली. 8 जुलाई को शोपियां में कई दिनों तक चले ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर जाकिर गनई मारा गया, हालांकि उसका एक साथी फरार होने में कामयाब रहा.

इस महीने ऑपरेशन सोहन मेंदो आतंकी ढेर

सितंबर में एक बार फिर जम्मू संभाग में बड़े ऑपरेशन हुए. 5 सितंबर को युसमर्ग इलाके में लश्कर-ए-तैयबा का पाकिस्तानी आतंकी यासिर मारा गया. इसके बाद 16-17 सितंबर को उधमपुर के मजालता इलाके में ऑपरेशन सोहन चलाया गया, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी सद्दाम और मुस्तफा मारे गए. इनके पास से AK राइफल, M4 कार्बाइन, पिस्टल और ग्रेनेड बरामद किए गए.

इस तरह 22 सितंबर 2026 तक जम्मू-कश्मीर में कम से कम 15 आतंकियों के मारे गए है. इन अभियानों में कठुआ, उधमपुर, किश्तवाड़, राजौरी और पुंछ के जंगलों से लेकर कश्मीर के गांदरबल, शोपियां और युसमर्ग तक सुरक्षाबलों ने आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की.

अब सुरक्षाबलों के सामने अगली बड़ी चुनौती जंगलों में छिपे इन 25 आतंकियों को ट्रैक करना है. सुरक्षा एजेंसियों का फोकस LoC से घुसपैठ रोकने के साथ-साथ जम्मू के जंगलों में सक्रिय पुराने और नए आतंकी नेटवर्क को खत्म करने पर है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close