हमर लैब योजना पर विराम, जांच व्यवस्था निजी हाथों में: करोड़ों की मशीनें पैक, चार जिलों की लैब बंद

छत्तीसगढ़ में मरीजों को मुफ्त और आधुनिक पैथोलॉजी जांच सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई हमर लैब योजना को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने जांच सेवाओं को नई व्यवस्था के तहत निजी एजेंसी के माध्यम से संचालित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत रायपुर, मुंगेली, धमतरी और कांकेर की हमर लैब बंद कर दी गई हैं, जबकि अन्य जिलों में भी यह प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।
करोड़ों की मशीनें हुईं निष्क्रिय
हमर लैब के लिए पिछले वर्षों में करोड़ों रुपये खर्च कर आधुनिक मशीनें और उपकरण खरीदे गए थे। अब लैब बंद होने के बाद इन मशीनों को अस्पतालों में सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। रायपुर जिला अस्पताल में ही लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की मशीनें स्थापित थीं, जबकि चार जिलों में बंद हुई लैबों के उपकरणों की कुल कीमत करीब दो करोड़ रुपये आंकी जा रही है। नई व्यवस्था में निजी एजेंसी अपनी मशीनों के जरिए जांच सेवाएं प्रदान करेगी।
जिलों में दिखने लगीं व्यवस्थागत समस्याएं
लैब बंद होने के बाद कई जिलों में जांच और रिपोर्टिंग व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है, तो कहीं आवश्यक जांच सेवाएं सीमित हो गई हैं। धमतरी में सैंपल रिपोर्ट को लेकर शिकायतें सामने आईं, जबकि जांजगीर-चांपा में मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई अस्पतालों में पुरानी मशीनें हटाकर अलग रख दी गई हैं और नई व्यवस्था पूरी तरह लागू होने का इंतजार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का पक्ष
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पुरानी व्यवस्था में रिएजेंट और केमिकल की कमी के कारण जांच सेवाएं प्रभावित होती थीं। नई प्रणाली के तहत मरीजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और सभी जांचों का खर्च सरकार वहन करेगी। विभाग के अनुसार नई एजेंसी आधुनिक तकनीक, ऑनलाइन रिपोर्टिंग और बेहतर सुविधाओं के साथ सेवाएं उपलब्ध कराएगी। अधिकारियों का दावा है कि इस व्यवस्था से प्रदेश के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा।











