भालू के नाखून उखाड़कर ताबीज बनाने का अंधविश्वास : दो चरवाहे गिरफ्तार, ATR की स्निफर डॉग नीतू ने ऐसे खोला पूरा राज

बिलासपुर/मरवाही, 04 सितम्बर 2026 मरवाही वनमंडल के उसाड़ परिसर में एक मादा भालू की मौत के बाद उसके चार नाखून उखाड़कर ले जाने के मामले में वन विभाग ने दो चरवाहों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों ने नाखूनों से ताबीज बनाकर पहनने की बात स्वीकार की है।

घटना कक्ष क्रमांक 2035 की है। बुधवार शाम एक मादा भालू की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। गुरुवार सुबह वनकर्मियों को इसकी जानकारी मिली। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने शव की जांच की तो उसके पीछे के दाएं पैर के चार नाखून गायब मिले। इससे पहले शिकार की आशंका जताई गई, लेकिन पोस्टमार्टम में भालू की प्राकृतिक मौत की पुष्टि हुई। उसके फेफड़ों में इंफेक्शन पाया गया।

स्निफर डॉग नीतू ने आरोपियों तक पहुंचाया

नाखून गायब होने की घटना की जांच के लिए अचानकमार टाइगर रिजर्व की स्निफर डॉग नीतू की मदद ली गई। हैंडलर के साथ मौके पर पहुंची नीतू ने घटनास्थल के आसपास संदिग्धों द्वारा छुई गई वस्तुओं को सूंघकर उनका पीछा किया और सीधे आरोपियों के घर तक पहुंच गई।

जांच के दौरान मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम बरौर निवासी सुदर्शन यादव और सूरज सहिस को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में दोनों ने घटना की जानकारी से इनकार किया, लेकिन पूछताछ में उन्होंने भालू के चार नाखून उखाड़कर ले जाने की बात स्वीकार कर ली। वन विभाग ने उनके पास से उखाड़े गए नाखून भी बरामद कर लिए।

ताबीज बनाकर पहनने की थी मंशा

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे भालू के नाखूनों से ताबीज बनाकर पहनना चाहते थे। लोक मान्यताओं और अंधविश्वास में कुछ लोग भालू के नाखून को शक्ति, साहस और बुरी नजर या नकारात्मक शक्तियों से बचाव का प्रतीक मानते हैं। हालांकि, इन दावों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है

वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों की मौजूदगी में मृत भालू का घटनास्थल पर ही अंतिम संस्कार किया गया।

मरवाही वनमंडल के डीएफओ कुमार निशांत ने बताया कि भालू की मौत बीमारी के कारण हुई थी। मौत के बाद दो चरवाहों ने उसके चार नाखून उखाड़कर ले लिए थे, जिन्हें वन विभाग ने तत्काल पकड़ लिया।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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