69000 शिक्षक भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, यूपी सरकार से 10 दिन में मांगी पूरी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार से अहम सवाल पूछते हुए 10 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि रिजर्व लिस्ट में रखे गए करीब 6800 अभ्यर्थियों को समायोजित किया जा सकता है या नहीं। इस पर सरकार की ओर से कहा गया है कि मामले में सलाह लेकर जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि प्रस्ताव पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन नियमों और प्रक्रिया को लेकर विचार जरूरी है।

सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने कहा कि सरकार सिर्फ 6800 अभ्यर्थियों तक ही सीमित न रहे, बल्कि इससे ज्यादा उम्मीदवारों की नियुक्ति पर भी विचार करे। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में अन्य अभ्यर्थी मेरिट के आधार पर दावा कर सकते हैं, जिससे नई कानूनी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह 10 दिनों के भीतर पूरी जानकारी दे। इसमें यह बताना होगा कि कितने अभ्यर्थियों को नियुक्त किया जा सकता है और इसके लिए क्या शर्तें होंगी।

इससे पहले कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें रिजर्व लिस्ट के अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर रोक लगाई गई थी। हाईकोर्ट ने जून 2020 और जनवरी 2022 की चयन सूचियों को रद्द करते हुए नई सूची जारी करने का निर्देश दिया था।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एक बार फिर से हजारों अभ्यर्थियों की नजर राज्य सरकार की रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे इस लंबे समय से चल रहे विवाद का समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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