सूरजपुर: घायल युवक का इलाज कराने जा रहे 3 दोस्तों को ट्राला ने मारी टक्कर, 1 की कुचलकर मौत; 2 गंभीर

सूरजपुर: इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने की जल्दबाजी एक युवक के लिए जानलेवा साबित हुई. मायापुर द्वितीय गांव के तीन युवक एक ही बाइक पर घायल साथी को अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में कोयला लोड ट्राला से उनकी भीषण भिड़ंत हो गई. हादसा इतना भयावह था कि पीछे बैठे 26 वर्षीय गदे राम आत्मज गोरेलाल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.

ट्राला के पिछले पहिए के नीचे आने से उनका सिर बुरी तरह कुचल गया. इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और गांव में मातम छा गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार, मायापुर द्वितीय निवासी ननकू आत्मज मोहन (लगभग 29 वर्ष) अपने ससुराल आया हुआ था. पारिवारिक विवाद के बाद उसने आत्मघाती कदम उठाते हुए अपने गले और हाथ की नस काट ली थी. उसकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों में अफरा-तफरी मच गई.

बिना देर किए उसे तत्काल सोनगरा अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया गया. गांव के संतोष आत्मज सुरेंद्र अपनी होंडा साइन बाइक क्रमांक CG 15 DM 1871 से ननकू को बीच में बैठाकर और पीछे गदे राम को बैठाकर अस्पताल के लिए रवाना हुए. घायल की जान बचाने की बेचैनी में तीनों युवक तेजी से अस्पताल की ओर बढ़ रहे थे. इसी दौरान रास्ते में सामने चल रहे कोयला लोड ट्राला क्रमांक CG 15 EH 8375 से बाइक की जोरदार टक्कर हो गई.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई. पीछे बैठे गदे राम सीधे ट्राला के पिछले पहिए की चपेट में आ गए. पहिए के नीचे आने से उनका सिर बुरी तरह कुचल गया और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. घटना की भयावहता से आसपास मौजूद लोग दहल उठे और कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.

दुर्घटना में घायल ननकू और बाइक चालक संतोष को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत सोनगरा चिकित्सालय पहुंचाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद ननकू की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया. घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम ललित भगत, तहसीलदार चंद्रशिला जायसवाल, थाना प्रभारी सरफराज फिरदौसी, चौकी प्रभारी रघुवंश सिंह सहित पुलिस व प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा.

अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए. पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. जैसे ही मौत की खबर मायापुर द्वितीय पहुंची, गांव में शोक की लहर दौड़ गई. मृतक के घर पर चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचकर सांत्वना देते रहे.

हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला. समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर वाहनों की आवाजाही रोक दी. लोगों ने क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार और ट्रैफिक व्यवस्था की कमी पर गंभीर सवाल उठाए. ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, पर इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं और पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है.

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