अधूरी तैयारियों और NH-48 में भीषण ट्रैफिक के बीच शुरू हुआ एक्सप्रेस-वे पहली बारिश में ही उखड़ा

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का अंकलेश्वर से किम के बीच स्थित पैकेज-5 भारी बारिश के कारण जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क पर दरारें और गड्ढे उभर आने के बाद फिलहाल लेन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।
एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस मार्ग का निर्माण कार्य पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ था। इसके बावजूद, पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) पर लगातार लग रहे भीषण ट्रैफिक जाम और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए इसे समय से पहले यातायात के लिए शुरू करना पड़ा।
क्यों अधूरी स्थिति में खोला गया एक्सप्रेस-वे?
NH-48 पर अत्यधिक दबाव: वडोदरा-भरूच-सूरत मार्ग पर संकरे पुलों और अंडरपास निर्माण के कारण एनएच-48 पर गाड़ियों का भारी दबाव था और आए दिन सुरक्षा समस्याएं खड़ी हो रही थीं।
आपातकालीन स्थिति में शुरुआत: दुर्घटनाओं को रोकने और ट्रैफिक को डाइवर्ट करने के उद्देश्य से 10 जनवरी को इसे ट्रायल के आधार पर यातायात के लिए खोल दिया गया था।
निर्माण में रह गईं ये 5 मुख्य कमियां
हाई-टेंशन लाइन का अटका काम: बिजली विभाग से शटडाउन न मिलने के कारण 300 मीटर लंबे हिस्से में लेफ्ट हैंड साइड कैरिजवे का निर्माण अधूरा रह गया।
इंटरचेंज निर्माण में बाधा: भूमि अधिग्रहण और स्थानीय विवादों के कारण फुगांव इंटरचेंज का काम अटका हुआ है।
जल निकासी की अधूरी व्यवस्था: एक्सप्रेस-वे पर बारिश के पानी की निकासी (ड्रेनेज सिस्टम) का काम पूरी तरह से खत्म नहीं हो सका था।
ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पेंडिंग: एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) की स्थापना का कार्य अभी भी लंबित है।
अंतिम फिनिशिंग का अभाव: सुरक्षा मानकों और अंतिम फिनिशिंग को पूरा किए बिना ही वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई।
एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से एनएच-48 पर वाहनों की कतारों से राहत तो मिली है, लेकिन पहली ही भारी बारिश ने अधूरे निर्माण की पोल खोल दी है। मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए शेष बचे कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करना अत्यंत आवश्यक है।











