इंजीनियर ने घर के डेकोरेशन पर खर्च किए 40 लाख:मुजफ्फरपुर के बैंक लॉकर से मिले 17 लाख के गहने, EOU की जांच में हुआ खुलासा

लघु सिंचाई विभाग में रोहतास डिविजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अरविंद कुमार चौधरी के बैंक लॉकर से 137 ग्राम सोना बरामद हुआ है। इसकी कीमत 17 लाख रुपए से अधिक है। अरविंद ने यह बैंक लॉकर पंजाब नेशनल बैंक के मुजफ्फरपुर ब्रांच में ले रखा था।
आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की एक टीम पटना से मुजफ्फरपुर गई थी। टीम ने उनके लॉकर की जांच की। उसमें रखे सोने-चांदी के गहनों को बरामद किया। अब पड़ताल चल रही है कि लॉकर से मिले गहने कब खरीदे गए थे? उस पर कितना खर्च हुआ था? इस संबंध में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से सवाल भी पूछे जाएंगे।
30 जुलाई को कई ठिकानों पर हुई थी रेड
दरअसल, भ्रष्टाचार के जरिए आय से अधिक संपत्ति के मामले में 30 जुलाई को आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने पटना मेंइससे एक दिन पहले पटना में इनके खिलाफ सरकारी सैलरी से 1 करोड़ 19 लाख 98 हजार 534 रुपए आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया था। छापेमारी के दौरान इनके ठिकाने से 9 लाख रुपया कैश, 500 ग्राम सोना, 21 बैंक पासबुक, 17 बीमा पॉलिसी के पेपर, एक फोर व्हीलर और एक बाइक के खरीदे जाने के पेपर जब्त किए गए थे। साथ ही बैंक में जमा 25 लाख रुपए कैश का पता चला था। दानापुर के दो फ्लैट, रोहतास के डिहरी ऑन सोन में सरकारी ऑफिस, मुजफ्फरपुर में ससुराल और बांका स्थित पुश्तैनी घर समेत इनके 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी।
सास के नाम वाले अकाउंट से हो रहा था ट्रांजेक्शन
एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की सास का नाम मीरा रानी जायसवाल है। जांच के दौरान EOU को बैंक ऑफ बड़ौदा में सास के नाम के एक अकाउंट की डिटेल मिली। फिर उसे खंगाला गया। इस अकाउंट से अरविंद कुमार चौधरी की पत्नी मेहा कृष्णा का भी नाम जुड़ा है। साथ ही वो नॉमिनी भी हैं।
सूत्रों की मानें तो इस अकाउंट से कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए जाने के सबूत मिले हैं। पटना में फ्लैट खरीदने के लिए भी इसी अकाउंट से रुपयों का लेनदेन हुआ। साथ ही बेटियों के पढ़ाई के लिए भी इसी अकाउंट से रुपए दिए जा रहे थे। इस अकाउंट से हुए हर एक ट्रांजेक्शन को जांच कर रही टीम खंगाल रही है।
किराए पर लगा रखा है दूसरा फ्लैट
पटना के दानापुर में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने दो महंगे फ्लैट खरीद रखे हैं। वीनस पैराडाइज अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 405 अरविंद ने खुद के और पत्नी के नाम पर 2022 में ही खरीदा था। इस फ्लैट में वो और उनका परिवार रहता आ रहा है। सरकारी रेट के अनुसार 50 लाख रुपए में इसे खरीदा गया था।
2025 में पत्नी के नाम पर कुछ दूरी पर ही वीनस एम्पायर नाम के अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 1301 इन्होंने खरीदा। इस फ्लैट का सरकारी रेट साढ़े 57 लाख रुपया है। हालांकि, बाजार भाव इससे कहीं अधिक है। छापेमारी के दिन EOU की टीम इस फ्लैट पर भी गई थी। मगर, उस दिन ताला लगा हुआ था।
फ्लैट बंद होने के कारण उस दिन उसके अंदर जांच नहीं हो पाई। असल में इस फ्लैट को अरविंद ने किराए पर लगा रखा है। उस दिन किराएदार वहां नहीं था। उसके आने के बाद 6 अगस्त को दोबारा टीम वहां गई।
पूरे फ्लैट को खंगाला। अंदर का हाल टीम को चौकाने वाला मिला। क्योंकि, फ्लैट के डेकोरेशन पर 40 लाख रुपए से अधिक खर्च किए जाने की संभावना है।











