पहले ठगों ने लूटा, अब अपने उड़ा रहे मजाक… बार-बार पूछते हैं, पैसा वापस मिला या नहीं?

 ग्वालियर। साइबर ठगों का शिकार हुए लोग अपने जीवनभर की कमाई गंवा बैठे। मुश्किल है- यह वापस मिले। ठगों ने कंगाल कर जीवनभर का दर्द दिया, यह ऐसा दर्द है- जो कभी भुलाया नहीं जा सकता। अब अपनों द्वारा दी जा रही जिल्लत इन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है।

बात-बात पर इनका मजाक बनाया जाता है…इन्हें अपनों से सहानुभूति नहीं बल्कि उपहास, जिल्लत मिली। बात-बात पर इनके अपने ही ताना देते हैं…ठगी का शिकार हुए लोगों में सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे नौकरीपेशा और व्यापारी हैं। इनके साथ लाखों की ठगी हुई। अब अपनों द्वारा उपहास उड़ाए जाने से ऐसे लोग तनाव में जा रहे हैं।

कुछ ने तो लोगों से इस बारे में बात करना ही बंद कर दी। नईदुनिया ने साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों से बात की, जिसमें उनकी पीड़ा सामने आई। पढ़िए…केस स्टडी- किस तरह से यह लोग ठगे जाने के बाद अब अपनों के ताने से किस तरह प्रताड़ित हो रहे, क्या कहते हैं- मनोवैज्ञानिक?

एक साल पहले साइबर ठगों ने ठगे 28.10 लाख रुपए

मेरे साथ मई 2024 में आईसीआईसीआई बैंक की अलग-अलग स्कीम में निवेश के नाम पर ठगी हुई थी। वेबसाइट तक फर्जी थी। मुझसे 28.10 लाख रुपए ठगे गए। अब तक सिर्फ दो लाख रुपए ही रिकवरी हुई है, आरोपित भी दो पकड़े गए। अब बाकी पैसा कब मिलेगा, यह नहीं पता। ठगी से जितना मानसिक आघात पहुंचा, उतना ही परिचितों के बार-बार पूछकर मजाक उड़ाने से भी मिला। इनका लहजा ऐसा होता है, जिससे गुस्सा आती है। हमने तो इस बारे में बात करना ही बंद कर दी।