कुलपति के खिलाफ जांच करने विश्वविद्यालय पहुंची राज्यपाल की समिति, नस्तियां-नोटशीट खंगालीं और कर्मचारियों के बयान लिए

तय समय में दस्तावेज नहीं मिलने पर टीम ने शुरू की जांच
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. संजय तिवारी के खिलाफ वित्तीय, प्रशासनिक और शैक्षणिक अनियमितताओं की शिकायतों की जांच शुरू हो गई है। राज्यपाल रमेन डेका के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति विश्वविद्यालय पहुंची और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जांच शुरू की। टीम ने संबंधित नस्तियों, नोटशीट और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल करने के साथ कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए।
शिकायतों से जुड़े दस्तावेज और अभिलेख राज्यपाल सचिवालय ने कुलपति से मांगे थे। इन्हें पहले 24 अगस्त तक उपलब्ध कराने को कहा गया था। कुलपति के समय बढ़ाने के अनुरोध पर अंतिम समय-सीमा 31 अगस्त तय की गई थी। इसके बाद भी अपेक्षित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके चलते समिति ने विश्वविद्यालय पहुंचकर मौके पर मौजूद रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
30 दिन में राज्यपाल को सौंपनी है रिपोर्ट
जांच समिति की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल कर रहे हैं। राज्यपाल के सचिव डॉ. सीआर प्रसन्ना और उप सचिव निधि साहू समिति के सदस्य हैं। अवर सचिव अनुभव शर्मा को समिति का संयोजक बनाया गया है।
समिति को अपनी जांच पूरी कर 30 दिन के भीतर राज्यपाल को रिपोर्ट सौंपनी है। जांच के दौरान शिकायतों से संबंधित दस्तावेजों और कर्मचारियों से मिली जानकारी का मिलान किया जाएगा।
नई बिल्डिंग में किताबों का भौतिक सत्यापन
विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद समिति ने विभिन्न शाखाओं से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। कर्मचारियों से शिकायतों के संबंध में जानकारी लेने के साथ उनके बयान भी दर्ज किए गए। किताबों की खरीदी में अनियमितता की शिकायत को लेकर टीम ने विश्वविद्यालय की नई बिल्डिंग का निरीक्षण किया और पुस्तकों का भौतिक सत्यापन भी किया।
अब समिति दस्तावेजों और कर्मचारियों के बयानों के आधार पर कुलपति के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। राज्यपाल सचिवालय की ओर से पहले ही कहा गया था कि निर्धारित समय में रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
दो विधायकों ने की है कुलपति के खिलाफ शिकायत
कुलपति प्रो. डॉ. संजय तिवारी के खिलाफ दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर और भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने शिकायत की है। शिकायतों में वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
इनमें उत्तरपुस्तिकाओं और पुस्तकों की खरीदी, नए पाठ्यक्रम शुरू करने की प्रक्रिया, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति, परीक्षा और पुनर्मूल्यांकन से जुड़े मामलों में अनियमितता के आरोप शामिल हैं। इसके अलावा बड़े वित्तीय और प्रशासनिक मामलों को कार्यपरिषद के सामने नहीं रखने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।











