बिहार के इस एक्सप्रेसवे का रूट बदलेगा… एयरपोर्ट की जमीन आई करीब; नए प्लान से किन लोगों को होगा फायदा?

बिहार के महत्वाकांक्षी रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना के रूट में बड़ा बदलाव किया जा रहा है. रक्सौल में प्रस्तावित नए एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे की जमीन आपस में ओवरलैप होने के कारण NHAI अलाइनमेंट में संशोधन करने जा रही है. इस बदलाव के बाद एक्सप्रेसवे की शुरुआत अब एयरपोर्ट के पीछे से नहीं बल्कि इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) के पास से होने की संभावना है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इससे क्या फायदें होंगे और एक्सप्रेसवे पर क्या-क्या सुविधाएं होंगी.
किन क्षेत्रों में ओवरलैप हो रही थी जमीन?
जानकारी के अनुसार रक्सौल प्रखंड के चिकनी, भरतमही, हरैया और चंदौली क्षेत्र में एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे के लिए प्रस्तावित जमीन एक-दूसरे से टकरा रही थी. इसे दूर करने के लिए नए रूट का प्रस्ताव तैयार कर एनएचएआई को भेजा गया है. नए प्रस्ताव के तहत आईसीपी से जुड़े करीब 6.5 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग को भी एक्सप्रेसवे परियोजना में शामिल किया जाएगा.
किन गांवों की जमीनों का होगा अधिग्रहण ?
रक्सौल, आदापुर, रामगढ़वा, बनकटवा, चिरैया, पताही और फेनहारा प्रखंड के गांव शामिल हैं. वहीं रक्सौल के भरतमही, एकडेरवा,सिंहपुर, हरैया, कौडिहार, जोकियारी, चंदौली, सिसवा, जतियाही, सेनुअरिया, हरदिया और हरनाही सहित कई गांवों की जमीन अधिग्रहण की जाएगी.
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से क्या होगा फायदा?
यह 6 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे रक्सौल को सीधे पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह से जोड़ेगा, जिससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे. पूर्वी चंपारण जिले में इसकी लंबाई करीब 75 किलोमीटर होगी. परियोजना के लिए जिले के 8 प्रखंडों के 56 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है. एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि नए अलाइनमेंट को मंजूरी मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.
रूट प्लान में बदलाव से क्या होंगे फायदे?
रूट प्लान में बदलाव से कई फायदे होने की उम्मीद है. एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे के बीच भूमि विवाद समाप्त हो जाएगा, जबकि आईसीपी से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और माल परिवहन में बढ़ोतरी होगी. साथ ही नए फोरलेन मार्ग के जुड़ने से ट्रैफिक व्यवस्था भी बेहतर होगी.
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर क्या होंगी सुविधाएं?
एक्सप्रेसवे पर कई आधुनिक सुविधाएं भी होंगी. इस पर वाहन केवल निर्धारित इंटरचेंज और एंट्री-एग्जिट प्वाइंट से ही प्रवेश कर सकेंगे. एक्सप्रेसवे पर सर्विस रोड, फ्लाईओवर, अंडरपास, टोल प्लाजा, पेट्रोल पंप, विश्राम स्थल, एम्बुलेंस सेवा और ट्रक ले-बाय जैसी सुविधाएं होंगी, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पैदल चलने, मवेशियों के प्रवेश और गलत दिशा में वाहन चलाना पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.











