छत्तीसगढ़ में अब तक 33 लाख लोगों का नहीं हुआ है राशन कार्ड e-KYC, दो साल में तीसरी बार बढ़ी डेडलाइन

प्रदेश में राशनकार्ड धारकों की ई-केवाईसी की कवायद एक बार फिर अधूरी रह गई है। शासन ने इस बार 25 अक्टूबर तक की आखिरी तिथि तय की थी, लेकिन तय समय में भी करीब 33 लाख सदस्यों का सत्यापन नहीं हो सका।

दिवाली और त्योहारों के बीच विभाग ने ई-केवाईसी का अभियान तो शुरू किया, मगर न तो लक्ष्य तय समय में पूरे हुए और न ही फील्ड स्तर पर तेजी दिखाई दी।अब एक बार फिर से समय सीमा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

रायपुर में 4 लाख से ज्यादा सदस्य अधूरे

राजधानी रायपुर में कुल 6,48,464 राशनकार्ड जारी हैं, जिनसे जुड़े 22,26,521 सदस्य विभागीय रिकॉर्ड में पंजीकृत हैं। इनमें से 18,07,052 सदस्यों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, जबकि 4,19,469 लोगों की प्रक्रिया अभी बाकी है।

प्रदेश की स्थिति (केवाईसी सारांश)

जिला कुल सदस्य पूर्ण केवाईसी लंबित
रायपुर 22.26 लाख 18.07 लाख 4.19 लाख
दुर्ग 18.40 लाख 14.60 लाख 3.80 लाख
बिलासपुर 19.10 लाख 15.25 लाख 3.85 लाख
रायगढ़ 16.50 लाख 13.10 लाख 3.40 लाख
कुल (प्रदेश) 1.10 करोड़ 77 लाख 33 लाख

कागजों में तय हुआ लक्ष्य, मैदान में नहीं दिखा असर

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस बार हर दिन 22 हजार से अधिक सदस्यों का केवाईसी कराने का लक्ष्य तय किया था। लेकिन अधिकांश जिलों में न तो शिविर लगाए गए और न ही संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय हुई। अभियान केवल आदेशों और समीक्षा बैठकों तक सीमित रहा।

फर्जी राशनकार्ड पर लगनी थी लगाम

ई-केवाईसी अभियान की शुरुआत फर्जी राशनकार्ड और डुप्लीकेट प्रविष्टियों को खत्म करने के मकसद से की गई थी। केंद्र सरकार ने सभी लाभार्थियों का आधार से प्रमाणीकरण अनिवार्य किया है, ताकि वास्तविक पात्रों को ही अनाज का लाभ मिल सके। लेकिन तकनीकी गड़बड़ियों, नेटवर्क समस्या और जनजागरूकता की कमी के कारण कई सदस्य अब तक प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए हैं।

त्योहार और लापरवाही बनी बाधा

त्योहारों के दौरान लोगों की व्यस्तता के साथ-साथ कई जगहों पर पॉश मशीनों की अनुपलब्धता और ऑपरेटरों की कमी भी बड़ी वजह बनी। कई दुकानों में मशीनें खराब रहीं, तो कई जगह ऑपरेटर छुट्टी पर चले गए। नतीजतन, अभियान की रफ्तार थम गई।

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