बिलासपुर-कोरबा हाईवे पर ट्रेलर ने 9 मवेशियों को कुचला, सुरक्षा इंतजामों पर फिर उठे सवाल

बिलासपुर-कोरबा नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आने से 9 मवेशियों की मौत हो गई, जबकि एक मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों और गौसेवकों ने हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, फेंसिंग लगाने और गति सीमा तय करने की मांग की है। यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब सड़कों पर आवारा मवेशियों की समस्या को लेकर हाईकोर्ट पहले ही कई बार राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दे चुका है।
हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद नहीं थम रहे हादसे
घटना कोनी थाना क्षेत्र के गतौरी के पास हुई। सुबह ग्रामीणों और राहगीरों ने सड़क पर घायल और मृत मवेशियों को देखा, जिसके बाद पुलिस और गौसेवकों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने गंभीर रूप से घायल नंदी का रेस्क्यू कर उसे छतौना स्थित गौरी गोपाल गौसेवा धाम भेजा, जहां उसका उपचार जारी है। वहीं, मृत 9 मवेशियों का अंतिम संस्कार गौसेवकों की मौजूदगी में किया गया।
सड़कों पर आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर लगातार सुनवाई चल रही है। न्यायालय राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को कई बार प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दे चुका है, लेकिन इसके बावजूद हाईवे पर ऐसे हादसे लगातार सामने आ रहे हैं।
फेंसिंग, स्पीड लिमिट और गौ एम्बुलेंस की उठी मांग
हादसे के बाद सामाजिक संगठनों और गौसेवकों ने नेशनल और स्टेट हाईवे पर गौ सुरक्षा फेंसिंग लगाने, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में गति सीमा निर्धारित करने और प्रत्येक जिले में गौ एम्बुलेंस की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके अलावा आवारा मवेशियों के लिए स्थायी शेड और चारे की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।
गौसेवकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी और स्थायी कदम नहीं उठाए गए तो इस तरह के हादसे लगातार होते रहेंगे, जिससे मवेशियों के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।











