MP के ग्वालियर के परिवहन मुख्यालय का अनोखा हाल… अफसर भोपाल में और फाइलें ट्रेन से करती हैं सफर

ग्वालियर। मध्यप्रदेश का परिवहन मुख्यालय ग्वालियर में जरूर है, लेकिन यहां न तो विभाग के मुखिया बैठते हैं और न ही ज्यादा चहल-पहल दिखाई देती है। वर्तमान परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा, जो जनवरी 2025 से इस पद पर हैं, भोपाल स्थित कैंप ऑफिस से ही सारा कामकाज संभालते हैं। उनकी ग्वालियर मौजूदगी महीने में केवल एक या दो बार होती है। इसका नतीजा यह है कि फाइलें और दस्तावेज़ ट्रेन से भोपाल और ग्वालियर के बीच यात्रा करते रहते हैं, और उनका प्रबंधन करने के लिए 15 से अधिक स्टाफ तैनात है।
फाइलों के इस ‘रेलयात्रा’ सिस्टम के लिए बाकायदा ड्यूटी चार्ट तैयार किया गया है। रोजाना दो से तीन कर्मचारी ग्वालियर से भोपाल फाइल लेकर रवाना होते हैं, तो वहीं कुछ दूसरे कर्मचारी वापस लौटते हैं। हर एक कर्मचारी को इस प्रक्रिया के लिए दो दिन की छुट्टी या गैप लेना पड़ता है। यात्रा और ठहरने-खाने का सारा खर्च सरकारी खजाने से उठाया जाता है।
परिवहन विभाग का इतना बड़ा मुख्यालय सिर्फ नाम का रह गया है। यहां अधिकारी, बाबू, या शिकायतकर्ता शायद ही दिखते हैं। क्योंकि सबको पता है कि आयुक्त ग्वालियर में मिलते ही नहीं हैं, इसलिए अब ट्रांसपोर्टर और अन्य शिकायतकर्ता भी भोपाल का रुख करते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि विवेक शर्मा ही नहीं, उनसे पहले भी कोई आयुक्त स्थायी रूप से ग्वालियर मुख्यालय में नहीं टिके। ऐसा प्रतीत होता है कि भोपाल से अफसरों का ‘मोह’ टूटता ही नहीं। ग्वालियर को जब मुख्यालय घोषित किया गया था, तब सरकार ने साफ कहा था कि परिवहन, आबकारी और लैंड रिकॉर्ड जैसे बड़े विभागों के संचालन ग्वालियर से होंगे। लेकिन जमीन पर स्थिति इसके ठीक उलट है।
वर्तमान आयुक्त विवेक शर्मा 1998 बैच के आईपीएस और एडीजी रैंक के अधिकारी हैं। उन्हें जनवरी 2025 में डीपी गुप्ता की जगह यह जिम्मेदारी दी गई थी। हालात यह हैं कि पिछले 15 दिनों से वे ग्वालियर मुख्यालय नहीं आए हैं। इस विषय पर जब उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल कॉल रिसीव नहीं हुई।
अमृतसर-इंदौर एक्सप्रेस में ‘सांप’ की अफवाह से मचा हड़कंप
अमृतसर से इंदौर जा रही इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में गुरुवार शाम उस समय अफरातफरी मच गई, जब ट्रेन में सांप की मौजूदगी की सूचना कंट्रोल रूम को दी गई। जैसे ही ट्रेन मथुरा स्टेशन के करीब थी, एक यात्री ने कंट्रोल रूम में कॉल कर बताया कि एक कोच में सांप देखा गया है।
मथुरा में ट्रेन की जांच संभव नहीं हो सकी, लेकिन ग्वालियर स्टेशन पहुंचते ही रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया। ट्रेन के स्टेशन पर रुकते ही कोचिंग डिपो कर्मचारी, डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट और RPF जवान जांच में जुट गए। ट्रेन की गहन तलाशी ली गई, लेकिन कोई सांप नजर नहीं आया।
हालांकि, घटना से डरे कई यात्री अभी भी दहशत में थे। ऐसे में रेलवे अधिकारियों ने उन यात्रियों की सीटें बदल दीं, जिन्हें सांप की आशंका वाले कोच में बैठने में डर लग रहा था। पूरी जांच प्रक्रिया में ट्रेन करीब 28 मिनट प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही, जिसके बाद उसे इंदौर के लिए रवाना कर दिया गया।







