वाटेंड अपराधी विकाश दुबे का रीवा में निकला जुलूस, गुंडा बनने का सपना हुआ चूर… पुलिस ने निकाली हेकड़ी

रीवा: शहर में दहशत फैलाकर खुद को बड़ा ‘डॉन’ साबित करने की कोशिश कर रहे अपराधी विकास दुबे की हेकड़ी बुधवार को रीवा पुलिस ने निकाल दी. हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर मामलों में फरार चल रहे 12 हजार रुपये के इनामी बदमाश को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसे शहर की सड़कों पर पैदल घुमाया. कभी सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाकर धौंस दिखाने वाले अपराधी का सिर आज कानून के सामने झुका हुआ था.

आरोपी विकास दुबे उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर के नाम की तर्ज पर रीवा के युवाओं के बीच अपनी धाक जमाना चाहता था. वह अक्सर गाड़ियों के काफिले, हवाई फायरिंग और भारी भीड़ के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर डालता था, ताकि युवा उससे प्रभावित होकर अपराध की दुनिया में कदम रखें. पुलिस के मुताबिक, उसके वीडियो में युवाओं की एक बड़ी फौज नजर आती थी.

कानून का डर: बीच सड़क पर उतरा गुंडागर्दी का नशा
एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान और एएसपी आरती सिंह के निर्देशन में समान थाना पुलिस और सीएसपी राजीव पाठक की टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा. पुलिस ने उसे उसी इलाके में पैदल घुमाया जहाँ वह अपनी दहशत फैलाता था. इस दौरान सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने देखा कि कैसे गैंगस्टर बनने का सपना देखने वाले अपराधी के हाथों में बेड़ियाँ पड़ी थीं और वह खौफ में था.

युवाओं के लिए सबक: ‘रील्स नहीं, जेल है हकीकत’
कार्रवाई के बाद सीएसपी राजीव पाठक ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “यह उन युवाओं के लिए एक संदेश है जो सोशल मीडिया पर अपराधियों की रील देखकर उनसे प्रभावित होते हैं। गुंडागर्दी का अंत सिर्फ और सिर्फ जेल है.

इस बड़ी कार्रवाई में समान थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह बघेल और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अब उन युवाओं की भी कुंडली खंगाल रही है जो आरोपी के साथ सोशल मीडिया रील और काफिले में नजर आते थे.