क्या इस बार सच में होगा ‘चमत्कार’? शिवपुर धाम में पहली बार होने जा रहा ऐतिहासिक महोत्सव

सूरजपुर : प्रतापपुर की पावन धरती पर इस महाशिवरात्रि एक ऐसा अध्याय जुड़ने जा रहा है, जिसकी चर्चा अभी से गांव-गांव, चौपालों और मंदिर प्रांगणों में गूंज रही है। सदियों से आस्था का केंद्र रहे बाबा जलेश्वर नाथ शिवपुर धाम में इस वर्ष शिवपुर महोत्सव का आयोजन कुछ अलग, कुछ रहस्यमयी और कुछ ऐतिहासिक होने वाला है।
कहा जा रहा है कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का विराट विस्फोट होगा। क्षेत्रीय विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते की विशेष पहल पर पहली बार इतने बड़े स्तर पर भव्य सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है।
धाम से जुड़ी मान्यताओं ने हमेशा श्रद्धालुओं को आकर्षित किया है। यहां ऐसी आस्था है कि जो भी भक्त सच्चे मन से बाबा का जलाभिषेक करता है, उसकी मनोकामना पूर्ण होती है। मंदिर शिखर से बहती जलधारा को लेकर भी लोगों में गहरी श्रद्धा है—मान्यता है कि इस पवित्र जल से स्नान करने पर चर्म रोग तक समाप्त हो जाते हैं। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों से श्रद्धालु हर वर्ष लाखों की संख्या में यहां पहुंचते हैं।
लेकिन इस बार कुछ अलग होने वाला है। सूत्र बताते हैं कि भोलेनाथ की दिव्य झांकी, मां दुर्गा के अलौकिक स्वरूप और बजरंगबली की जीवंत प्रस्तुति ऐसी होगी, जिसे देखने के बाद श्रद्धालु स्वयं को किसी आध्यात्मिक लोक में महसूस करेंगे। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और बिहार के सुप्रसिद्ध भजन गायक जब मंच पर शिव महिमा का गुणगान करेंगे, तब पूरा शिवपुर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठेगा।
प्रशासनिक स्तर पर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा, यातायात, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। आयोजन को मेले का स्वरूप दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय व्यापार और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
शिवरात्रि की रात… जब आस्था बनेगी अलौकिक अनुभव
शिवपुर महोत्सव को लेकर जिस तरह की तैयारियां चल रही हैं, उससे यह स्पष्ट है कि यह आयोजन केवल एक रात का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रतापपुर की सांस्कृतिक पहचान का नया अध्याय बनने जा रहा है। विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के माध्यम से क्षेत्र को नई पहचान दिलाना और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करना है।
स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बार शिवरात्रि की रात कुछ “अद्भुत” होने वाली है। मंदिर परिसर में विशेष सजावट, भव्य मंच और झांकियों की रहस्यमयी तैयारी ने उत्सुकता और भी बढ़ा दी है।
आस्था, ऊर्जा और आध्यात्मिक स्पंदन से भरी यह रात प्रतापपुर के इतिहास में दर्ज होने को तैयार है। क्या यह केवल एक महोत्सव होगा, या फिर वह क्षण जब शिवपुर धाम की महिमा नई ऊंचाइयों को छू लेगी?
अब सबकी नजरें महाशिवरात्रि की उस पावन बेला पर टिकी हैं… जब बाबा जलेश्वर नाथ के दरबार में श्रद्धा का सागर उमड़ेगा और शिवपुर साक्षी बनेगा एक ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और अविस्मरणीय क्षण का।











