नई जगह भेजने पर कुदुदंड की महिलाओं का विरोध तेज: जर्जर अटल आवास में शिफ्ट होने से इनकार, निगम कार्यालय का घेराव

बिलासपुर में अरपा बैराज डुबान क्षेत्र के कुदुदंड मोहल्ले की महिलाओं ने कोनी स्थित अटल आवास में शिफ्ट होने से साफ इनकार कर दिया है। महिलाओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव करते हुए सवाल उठाया कि यदि जर्जर आवास में रहने के दौरान कोई हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा—महापौर या नगर निगम आयुक्त?
यह पूरा मामला तीन महीने पहले शिवघाट बैराज में अचानक पानी छोड़े जाने से जुड़ा है। बैराज में बिना सूचना दिए पानी भरने से कुदुदंड की गली नंबर 1 से 4 तक के कई घरों में पानी घुस गया था। 25-30 साल से रह रहे इन परिवारों का सामान, अनाज, कपड़े व फर्नीचर खराब हो गया था। प्रभावितों ने जल संसाधन विभाग के खिलाफ कलेक्टर से शिकायत भी की थी। इसके बाद पुनर्वास प्रक्रिया शुरू की गई।
महिलाओं का कहना है कि दो दिन पहले उन्हें घर खाली करने और कोनी के अटल आवास में शिफ्ट होने का नोटिस मिला है, जबकि यह स्थान लगभग 5 किलोमीटर दूर है। उनका आरोप है कि यह आवास जर्जर है और वहां रहने से उनकी आजीविका पर असर पड़ेगा, क्योंकि वे आसपास के ही घरों में झाड़ू-पोंछा कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं।
प्रभावित महिलाओं ने बताया कि महापौर पूजा विधानी ने पहले उन्हें आश्वासन दिया था कि उनकी सुविधा के अनुसार नजदीक में आवास उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन अब उन्हें दूर भेजा जा रहा है। साथ ही, चार महीने बाद बच्चों की परीक्षाएं हैं, ऐसे में अचानक स्थानांतरण से उनकी पढ़ाई भी बाधित होगी।
महिलाओं ने साफ कहा कि वे किसी भी हालत में कुदुदंड का मकान खाली नहीं करेंगी। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि या तो उन्हें उस्लापुर या अशोक नगर के आसपास पक्का घर दिया जाए, अन्यथा वे आंदोलन करने को मजबूर होंगी।
स्मार्ट सिटी प्रबंधन के अनुसार, कुदुदंड क्षेत्र के 42 परिवारों को कोनी स्थित आवास आवंटित किए जा चुके हैं। वहीं पंजीयन शुल्क को लेकर महिलाओं की शिकायत पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आईएचएसडीपी आवास योजना में 3 हजार रुपए शुल्क है, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना का 5 हजार रुपए का पंजीयन तीन साल पुराना है।
यह विवाद आगे और बढ़ सकता है, क्योंकि महिलाएं अपनी मांगों पर अडिग हैं और प्रशासन की तैयारी उन्हें तत्काल शिफ्ट कराने की है।











