जगदलपुर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अंतिम चरण में, 10 हजार यात्रियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

बस्तर के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन जगदलपुर की तस्वीर तेजी से बदल रही है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 34.43 करोड़ रुपए की लागत से स्टेशन का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। जिसमें करीब 93 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

नया स्टेशन भवन, 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट, आधुनिक वेटिंग हॉल, डिजिटल यात्री सुविधाएं, दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था, नई पार्किंग और बस्तर की कला-संस्कृति से सजा परिसर इसे देश के आधुनिक रेलवे स्टेशनों की श्रेणी में खड़ा करेगा। परियोजना पूरी होने के बाद यह स्टेशन प्रतिदिन 10 हजार से अधिक यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने में सक्षम होगा।

जगदलपुर रेलवे स्टेशन केवल बस्तर का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन ही नहीं, बल्कि पूरे संभाग की रेल लाइफलाइन भी है। रोजाना हजारों यात्री यहीं से देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए सफर करते हैं। लंबे समय से यात्रियों की बढ़ती संख्या और सीमित सुविधाओं को देखते हुए स्टेशन के व्यापक उन्नयन की जरूरत महसूस की जा रही थी।

34.43 करोड़ रुपए की लागत से चल रहा काम

अब अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यह बदलाव जमीन पर दिखाई देने लगा है। करीब 34.43 करोड़ रुपए की लागत से चल रहे इस प्रोजेक्ट में नया जी+1 स्टेशन भवन बनाया जा रहा है। यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए 12 मीटर चौड़ा फुट ओवरब्रिज और लिफ्ट तैयार की जा रही है।

प्लेटफॉर्म क्रमांक 1, 2 और 3 का विस्तार, नए प्लेटफॉर्म शेल्टर और बेहतर सरफेसिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। स्टेशन पर ट्रेन और कोच की जानकारी देने के लिए आधुनिक डिजिटल डिस्प्ले भी लगाए जा रहे हैं।
स्टेशन के बाहर भी बड़ा बदलाव दिखाई देगा। ऑटो, टैक्सी, दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग बनाई जा रही है। नया बुकिंग कार्यालय, पीआरएस और यूटीएस काउंटर, सहयोग केंद्र, दिव्यांगजन काउंटर, सामान्य और उच्च श्रेणी के प्रतीक्षालय, रिजर्व लाउंज के साथ ही आधुनिक शौचालय यात्रियों की सुविधा बढ़ाएंगे।

स्टेशन को पूरी तरह दिव्यांगजन अनुकूल बनाया जा रहा है। इस परियोजना की सबसे खास पहचान बस्तर की संस्कृति होगी। स्टेशन भवन और परिसर में स्थानीय कला, जनजातीय संस्कृति और पारंपरिक डिजाइन को स्थान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि बाहर से आने वाला हर यात्री स्टेशन पर उतरते ही बस्तर की सांस्कृतिक पहचान से परिचित हो सके।

93 प्रतिशत काम लगभग पूरा

रेलवे के अनुसार परियोजना का करीब 93 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। काम पूरा होने के बाद यह स्टेशन प्रतिदिन 10 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही संभालने में सक्षम होगा। आधुनिक सुविधाओं के साथ जगदलपुर रेलवे स्टेशन आने वाले सालों में बस्तर की नई पहचान बनने की ओर बढ़ रहा है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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