13 हड़ताली कर्मचारी बर्खास्त, 3 पर FIR का प्रस्ताव:बलौदाबाजार में धान खरीदी से इनकार पर 3 नवंबर से जारी हड़ताल पर एक्शन

बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी कार्य से इनकार करने वाले हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। अति आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) के तहत 13 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि तीन अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का प्रस्ताव है।

जिला खाद्य अधिकारी पुनीत राम वर्मा से मिली जानकारी के अनुसार, ये कर्मचारी अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर 3 नवंबर से हड़ताल पर थे। प्रशासन ने धान खरीदी जैसे आवश्यक कार्य में बाधा डालने के कारण यह कदम उठाया है।

बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में सिमगा समिति की प्रबंधक मंजुला शर्मा, खोखली समिति के प्रबंधक राकेश कुमार टंडन, धुर्रा बांधा समिति के प्रबंधक मूलचंद वर्मा, रोहांसी समिति के प्रबंधक धर्मेन्द्र साहु और तिल्दा समिति के प्रबंधक रामकुमार साहु शामिल हैं।

कसडोल ब्लॉक में कई विक्रेताओं को पदों से हटाया गया

इसके अलावा कसडोल विकासखंड के कई विक्रेताओं को भी उनके पदों से हटाया गया है। इनमें समिति गिरौद के विक्रेता नंद कुमार पटेल, हसुआ के विक्रेता गोकुल प्रसाद साहु, थरगांव के विक्रेता ललित साहू, कटगी के विक्रेता रामस्वरूप यादव, चिखली के विक्रेता खेलसिंग कैवर्त्य, कोसमसरा के विक्रेता अमित साहू, सरखोर के विक्रेता भीम साहु और लवन के विक्रेता रविकमल का नाम प्रमुख हैं।

तीन कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी

वहीं, प्रशासन ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की है। विकासखंड पलारी अंतर्गत समिति कोनारी के प्रभारी प्रबंधक राजेंद्र चंद्राकर, समिति रोहरा के कंप्यूटर ऑपरेटर बीरेंद्र साहु और समिति रिसदा के विक्रेता टीका राम वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए संबंधित शाखा प्रबंधक को पत्र जारी किया गया है। इन पर अति आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून का उल्लंघन करने का आरोप हो सकता है।

बता दें कि समिति के कर्मचारी 3 नवंबर से अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। हालांकि, प्रशासन ने इस हड़ताल को अवैध मानते हुए कर्मचारियों पर काम पर लौटने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है।

जिले में 88 केंद्रों पर 27,000 क्विंटल धान की बिक्री, 570 किसानों ने ऐप से काटे टोकन

बलौदा बाजार में धान खरीदी के दूसरे दिन 16 नवंबर को जिले के 88 केंद्रों पर 580 किसानों ने लगभग 27,000 क्विंटल धान की बिक्री की। इसमें से 570 टोकन किसानों ने स्वयं मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से काटे, जबकि केवल 3 सहकारी समितियों ने 10 टोकन काटने में सहायता की।

धान की खरीदी अमेरा, ससहा, कुसमी, कोदवा, कोसमंदा, पलारी, देवसुंद्रा, गिर्रा, जर्वे, गाढ़ाभाटा, बलौदी, टीपावान, भवानीपुर, वटगन, साराडीह, सीतापार, लक्ष्मनपुर और मुढ़ीपार सहित कुल 88 केंद्रों पर की गई।

78 केंद्रों में नहीं पहुंचे किसान

हालांकि, अभी भी 78 खरीदी केंद्रों पर किसान धान बेचने नहीं पहुंचे हैं, जिसका मुख्य कारण धान की कटाई में देरी बताया जा रहा है। वर्तमान में क्षेत्र में धान की कटाई जारी है। लेट वैरायटी के धान की कटाई अभी प्रारंभिक चरण में है, जबकि हरहुना किस्म के धान की कटाई अधिकांश किसानों द्वारा पहले ही कर ली गई है।

धान खरीदी पर जिला प्रशासन सख्त

कलेक्टर दीपक सोनी ने प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिकारी सतर्कता एवं तत्परता से अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अति आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून के तहत कठोर कार्यवाही की जाएगी।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक 10 खरीदी केंद्रों के लिए एक मेंटर अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो किसानों और केंद्र प्रभारियों की समस्याओं के निराकरण में सहायता करेगा।

वही इस संबंध में एसडीएम दीपक निकुंज पलारी का कहना है कि ये आ अच्छी बात है कि अब किसान भी टेक्नोलॉजी का उपयोग करना सिख रहे है, इसलिए आज धान बेचने खुद टोकन तुहर हाथ एप से काट रहे ,जो बड़ी बात है ।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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