हेल्थ सेंटर की शर्मनाक हरकत! पद्मश्री प्राप्त डॉक्टर की पत्नी को नहीं लगाया रेबीज का टीका, भटकता रहा परिवार

मांडू: पर्यटन नगरी मांडू में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की खराब तस्वीर देखने को मिली। बड़ौदा के पद्मश्री प्राप्त डॉक्टर सुब्रत राय और उनकी पत्नी मांडू भ्रमण पर आए थे। इस दौरान एक कुत्ते ने उनकी पत्नी को काट लिया। इसके बाद जब इलाज के लिए रेबीज इंजेक्शन लगवाने परिवार मांडू के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा, तो उन्हें कह दिया गया कि रेबीज का इंजेक्शन नहीं है। आपको नालछा जाना पड़ेगा।

मीडिया के हस्तक्षेप के बाद परिवार दूसरी बार अस्पताल पहुंचा और रेबीज का इंजेक्शन लग सका। देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री अवॉर्ड प्राप्त डॉक्टर सुब्रत राय व्यवस्थाओं को लेकर बेहद आहत नजर आए। दरअसल, मांडू में आम और विशिष्ट अतिथियों के साथ दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। उसके बाद भी यहां व्यवस्थाओं में सुधार देखने को नहीं मिलता है।

हेल्थ सेंटर ने टीके के लिए कर दिया मना

ऐसी ही शर्मसार करने वाली घटना शनिवार को हुई। डॉक्टर सुब्रत राय की पत्नी सुषमा राय को पैर में कुत्ते ने काट लिया। रेबीज का इंजेक्शन लगवाने वह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मांडू पहुंचे। एक कक्ष से दूसरे कक्ष घूमते रहे, संतोषप्रद जवाब नहीं मिला। जानकारी मिलने के बाद मीडिया कर्मी अस्पताल पहुंचे। मीडिया की उपस्थिति में पहले डॉक्टर ने कहा कि रेबीज का इंजेक्शन नहीं है, आपको नालछा जाना पड़ेगा।

मीडिया की एंट्री से लग पाया टीका

जब डॉक्टर राय और मीडिया ने रेबीज ना होने की वजह पूछी, तो डॉक्टर ने स्टाफ को आवाज लगाकर पूछा – ‘रेबीज का इंजेक्शन है क्या? इसके बाद उपस्थित नर्स ने कहा कि कुछ इंजेक्शन रखे हैं। इसके बाद सुषमा राय को रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया। इस विषय में डॉक्टर का कहना था कि “मुझे नहीं पता था कि इंजेक्शन रखा है।”

‘लाइफ लाइन’ संस्था के सीईओ हैं सुब्रत राय

 

दरअसल, डॉक्टर सुब्रत राय को देश का सर्वोच्च पद्मश्री सम्मान मिला है। वह ‘लाइफ लाइन’ संस्था के सीईओ हैं। 1999 में पत्नी के साथ हाईवे पर सफर के दौरान दुर्घटना होने पर उन्हें 6 घंटे तक इलाज नहीं मिला था। उसके बाद लोगों को सही समय पर दुर्घटना के बाद इलाज मिले, इसी को लेकर वह समाज में लगातार काम कर रहे हैं।

अब तक कई लोगों की जान वह बचा चुके हैं और उनकी पत्नी सुषमा राय इस काम में उनका पूरा सहयोग करती हैं। उनके परिवार को ‘हाईवे का मसीहा’ कहा जाता है। देश में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा 108 एम्बुलेंस सेवा शुरू करवाने में भी उनका बड़ा योगदान है।

नईदुनिया से चर्चा में डॉक्टर सुब्रत राय ने कहा कि ‘मांडू देश का बड़ा पर्यटन स्थल है और यहां छोटी सुविधाओं के लिए पर्यटकों को भटकना पड़े, तो यह अच्छा नहीं है। मुझे पहले रेबीज के लिए मना किया गया, बाद में मेरी पत्नी को रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया – ऐसा क्यों हुआ? यहां सुविधाओं का विस्तार होना चाहिए।’

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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