Shikshak Bharti 2025 पर बवाल: नियमों में बदलाव से भड़के कमलनाथ, हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में

Shikshak Bharti 2025/मध्यप्रदेश में प्रारंभिक शिक्षकों की बहुप्रतीक्षित भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला शिक्षक वर्ग 3 के लिए जारी 13,000 से अधिक पदों की भर्ती से जुड़ा है, जिसकी आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज़ हो गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने इस भर्ती प्रक्रिया में किए गए नियमों में बदलाव को अन्यायपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिससे हजारों योग्य उम्मीदवार सीधे तौर पर इस भर्ती से बाहर हो सकते हैं।
मुख्य विवाद का कारण है वह नया नियम जिसके तहत केवल वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने 1 अगस्त 2025 तक अपनी डिग्री पूरी कर ली हो। पहले यह शर्त काउंसलिंग तक लागू होती थी, जिससे वे छात्र भी पात्र हो जाते थे जो उसी साल बीएड या डीएड की परीक्षा दे रहे होते थे। लेकिन इस बदलाव से अब वे सभी अभ्यर्थी जिनका रिजल्ट अगस्त के बाद आने वाला है, उन्हें अपात्र घोषित किया जा सकता है।
कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले से ही मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरियों की भारी कमी है। जब भी भर्तियां निकलती हैं तो उनमें पारदर्शिता की जगह लालफीताशाही हावी रहती है। सरकार विज्ञापन तो निकाल देती है लेकिन परीक्षा, परिणाम और नियुक्ति की प्रक्रिया सालों तक लटकी रहती है। ऐसे में जब वर्षों बाद शिक्षक भर्ती का अवसर आया है, तो सरकार को चाहिए कि वह सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर दे।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नियमों को लेकर सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो हजारों युवाओं का भविष्य संकट में पड़ सकता है।
कमलनाथ ने स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया के नियमों में किए गए बदलावों को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए ताकि कोई भी योग् अभ्यर्थी आवेदन करने से वंचित न रहे।







