विधायक या कैसीनो किंग? नोट गिनने की मशीनें, विदेशी कैसीनो के कार्ड… ED की रेड में खुला कांग्रेस MLA का अरबों का सट्टा साम्राज्य!

ईडी अब मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस काले कारोबार में और कौन-कौन से सफेदपोश चेहरे शामिल हैं। फिलहाल, विधायक को ट्रांजिट रिमांड पर बेंगलुरु लाया गया है, और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

दिल्ली: कर्नाटक की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चित्रदुर्ग से कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।

विधायक पर कोई छोटा-मोटा आरोप नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी रैकेट चलाने का संगीन इल्जाम है। गिरफ्तारी के बाद जब ईडी ने विधायक के ठिकानों पर छापेमारी की, तो जो कुछ मिला, उसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।

विधायक के घर और अन्य ठिकानों से ईडी को जो मिला, वह किसी फिल्म के सीन से कम नहीं था। बरामदगी की लिस्ट देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सट्टेबाजी का नेटवर्क कितना विशाल और हाई-प्रोफाइल था:

12 करोड़ रुपये नकद: नोटों का इतना बड़ा ढेर था कि उन्हें हाथों से गिनना नामुमकिन था, जिसके लिए नोट गिनने वाली मशीनें मंगवानी पड़ीं।

1 करोड़ से ज्यादा की विदेशी मुद्रा: कैश में डॉलर और अन्य विदेशी करेंसी भी शामिल थीं, जो अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की ओर इशारा करती हैं।

सोने-चांदी का जखीरा: करीब 6 करोड़ रुपये कीमत के सोने के गहने और 10 किलो चांदी भी जब्त की गई।

कैसीनो किंग वाली जिंदगी: ईडी को लास वेगास के MGM, बेलाजियो और सिंगापुर के मरीना बे सैंड्स जैसे दुनिया के सबसे बड़े और महंगे कैसीनो के मेंबरशिप कार्ड मिले।

लग्जरी होटलों से नाता: ताज, हयात और लीला जैसे फाइव-स्टार होटलों के प्रीमियम कार्ड और “0003” जैसे वीआईपी नंबर प्लेट वाली लग्जरी गाड़ियां भी बरामद हुईं।

दुबई से गंगटोक तक फैला था नेटवर्क
ईडी की जांच के मुताबिक, यह कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध सिंडिकेट है, जिसके तार दुबई तक फैले हैं।

जांच एजेंसी का कहना है कि विधायक वीरेंद्र का भाई केसी थिप्पेस्वामी दुबई से इस पूरे ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के काले कारोबार का संचालन कर रहा था। विधायक को गंगटोक से तब गिरफ्तार किया गया, जब वह वहां एक कैसीनो किराए पर लेने की फिराक में थे, ताकि अपने इस साम्राज्य को और फैला सकें।

राजनीति में उबाल, कांग्रेस की बढ़ी मुश्किलें
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद कर्नाटक की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष ने कांग्रेस को घेरते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी के नेता भ्रष्टाचार और अपराध में लिप्त हैं। वहीं, कांग्रेस ने सधा हुआ जवाब देते हुए कहा है कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए।

लेकिन एक मौजूदा विधायक का इतने बड़े सट्टेबाजी रैकेट का सरगना निकलना, राजनीति और अपराध के गठजोड़ पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ईडी अब मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस काले कारोबार में और कौन-कौन से सफेदपोश चेहरे शामिल हैं। फिलहाल, विधायक को ट्रांजिट रिमांड पर बेंगलुरु लाया गया है, और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।