MP News : मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालय देंगे भाषाई एकता का संदेश

MP News/मध्य प्रदेश में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिंदी में कराने की पहल करने वाला देश का हृदय प्रदेश अब एक और नई पहल शुरू करने जा रहा है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने तय किया है कि अब हिंदी भाषी मध्य प्रदेश देश भर में भाषाई एकता का संदेश देगा, उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के विश्वविध्यालयों को इसके लिए भाषाओं का आवंटन कर दिया है।
मध्य प्रदेश के 17 सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में अब पारंपरिक विषयों ने साथ साथ भारतीय भाषाओं से जुड़े कोर्स भी संचालित किये जायेंगे, उच्च शिक्षा विभाग ने इस आशय के निर्देश जारी किये हैं, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक लेकर भारतीय भाषाओं को पढ़ाने के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं, मंत्री ने मंत्रालय ने कुलगुरुओं और अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि देश के हृदय प्रदेश की संज्ञा से सुशोभित हिंदी भाषी मध्य प्रदेश, भारत की अनेकता में एकता की संस्कृति को चरितार्थ करते हुए एक नई पहल करने जा रहा है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में देश की सभी प्रमुख भाषाओं को सिखाने के लिए कोर्स कराए जाएंगे ताकि प्रदेश का युवा देश के किसी भी राज्य या क्षेत्र में जाए तो वहां के निवासियों से सहजता से संवाद कर सकें और एकरूप हो सकें। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि हम इस नवाचार के माध्यम से सभी भाषाओं के प्रति अपना प्रेम संदेश भी प्रेषित करना चाहते हैं।
17 विश्वविद्यालयों में होंगे भारतीय भाषाओं के कोर्स
उच्च शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत 17 सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में, देश की विभिन्न भारतीय भाषाओं को सिखाने के लिए सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कोर्स अथवा क्रेडिट के साथ सामान्य पाठ्यक्रम में सम्मिलित करके, प्रारंभ किए जाने को लेकर व्यापक कार्ययोजना के साथ क्रियान्वयन करें। उन्होंने बताया कि सभी विश्वविद्यालयों को भारतीय भाषाओं को सिखाने के लिए, भाषाएं आवंटित की गई हैं। प्रत्येक विश्वविद्यालय आवंटित भाषाओं को सिखाने के लिए कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन करेंगे।
रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश की उच्च शिक्षा को लेकर धारणाओं मे परिवर्तन आना चाहिए, इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा को गुणवत्ता पूर्ण बनाने के लिए निरंतर क्रियाशील रहना होगा। उन्होंने विश्वविद्यालयों से रिक्त पदों की अपडेट जानकारी प्राप्त की और विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक पदों में भर्ती की प्रक्रिया, रोस्टर के पालन के साथ नियमानुरूप शीघ्र करने के निर्देश दिए। उच्च शिसका मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय को इकाई मानकर, रोस्टर का निर्धारण कर पदपूर्ति की प्रकिया पूर्ण करें और पदपूर्ति के लिए सभी विश्वविद्यालय शीघ्र विज्ञापन जारी करें।
डिजिटल मूल्यांकन को बढ़ावा देने के निर्देश
परमार ने नकल पर नकेल कसने के लिए, उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन एवं डिजिटल सिक्योरिटी पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय परीक्षा एवं मूल्यांकन की पारदर्शिता के लिए डिजिटल मूल्यांकन को बढ़ावा दें और मेधावी विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं को अपने पोर्टल पर सार्वजनिक उपलब्ध कराए ताकि इससे अन्य विद्यार्थी प्रोत्साहित हों। श्री परमार ने विश्वविद्यालय परिसर को विद्यार्थी केन्द्रित एवं आकर्षक बनाने को भी कहा। विद्यार्थियों की अंकसूची एवं डिग्री की उपलब्धता, डिजिलॉकर में सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।
चार विवि के कुलगुरुओं की एक समिति का गठन
बैठक में भाषाओं को सिखाने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाकर, कोर्स सिलेबस एवं शेष प्रक्रिया निर्धारित करने के लिए चार विवि के कुलगुरुओं की एक समिति का गठन किया गया। बैठक में विश्वविद्यालयों को सिखाए जाने को लेकर भारतीय भाषाएं आवंटित की गई। बैठक में विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलगुरुओं ने उच्च शिक्षा में गुणात्मक वृद्धि के लिए आवश्यक एवं महत्वपूर्ण सुझाव दिए।








