सांप ने डसा, आंखें फेरीं, सांसें थमीं… फिर डॉक्टरों ने खींच ली मौत के मुंह से जिंदगी: नारायणपुर में नाबालिग की हालत अब पूरी तरह ठीक

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को चौंका दिया। यहां 17 साल के एक नाबालिग को सांप ने डस लिया, जिसके बाद उसकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि डॉक्टरों ने भी उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। लेकिन तीन दिनों की जद्दोजहद और डॉक्टरों की मेहनत के बाद आखिरकार युवक की जान बचा ली गई।

जानकारी के मुताबिक, बड़ेजम्हरी गांव निवासी 17 वर्षीय नाबालिग अपने घर के बाहर खड़ा था। सुबह करीब साढ़े 7 बजे के बीच अचानक झाड़ियों से निकलकर एक जहरीले सांप ने उसके पैर में काट लिया। वह जोर से चिल्लाया तो परिजन दौड़कर बाहर आए। कुछ ही देर में उसकी सांसें फूलने लगीं, आंखें उलट गईं और उल्टियां होने लगीं

परिवार वालों ने बिना देर किए उसे पास के जिला अस्पताल, नारायणपुर ले जाने का फैसला किया। लेकिन जब तक वो अस्पताल पहुंचे, लड़का पूरी तरह बेसुध हो चुका था। मुंह से सफेद झाग निकल रहा था और शरीर अकड़ गया था। डॉक्टरों ने तुरंत स्थिति को गंभीर मानते हुए उसे ICU में भर्ती किया।

डॉ. हिमांशु सिन्हा और डॉ. धनराज सिंह की टीम ने लगातार तीन दिनों तक युवक का इलाज जारी रखा। उसे एंटी-स्नेक वेनम के साथ-साथ ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। डॉक्टरों ने बताया कि उसके फेफड़ों में पानी भर गया था, जिससे सांस लेने में मुश्किल हो रही थी।

डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और तीसरे दिन युवक की तबीयत में सुधार दिखने लगा। फिलहाल वह पूरी तरह स्वस्थ है और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि यदि परिवार उसे अस्पताल लाने में देर कर देता तो शायद उसकी जान नहीं बच पाती।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सांप के काटने के बाद तुरंत चिकित्सा सहायता लेना ही सबसे जरूरी कदम है। ग्रामीण इलाकों में अक्सर लोग झाड़-फूंक या देसी इलाज में समय बर्बाद कर देते हैं, जिससे जानलेवा स्थितियां बन जाती हैं।

नारायणपुर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सांप के काटने पर तुरंत अस्पताल जाएं और किसी घरेलू नुस्खे पर भरोसा न करें। इस नाबालिग की जिंदगी डॉक्टरों की समय पर की गई कोशिशों की वजह से बच सकी।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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