ईरानी गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार: चश्मा बेचकर करते थे घरों की रेकी, फिर नकली पुलिस और फर्जी पत्रकार बनकर देते थे वारदात को अंजाम

दुर्ग-भिलाई में चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले ईरानी गैंग के दो शातिर आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये आरोपी इलाके में चश्मा बेचने का बहाना कर घरों की रेकी करते थे और मौका मिलते ही पुलिसकर्मी या पत्रकार बनकर घर में घुस जाते थे। दोनों आरोपियों ने जिले में चार स्थानों पर वारदात की थी। पुलिस ने आरोपियों से सोने-चांदी के जेवर, नकदी, स्कूटी और वारदात में इस्तेमाल कपड़े बरामद किए हैं।
थाना उतई क्षेत्र के ग्राम मर्रा निवासी टामिन बंजारे ने 4 नवंबर को शिकायत दर्ज कराई थी कि दो लोग सिविल ड्रेस में उनके घर पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए परिवार पर ड्रग्स बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने तलाशी के नाम पर अलमारी से सोने-चांदी के गहने चोरी कर लिए। शिकायत के बाद पुलिस ने मर्रा से रायपुर तक के रास्तों, पाटन और गाड़ाडीह के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें बिना नंबर की एक स्कूटी और दो संदिग्धों की तस्वीर मिली।
रायपुर क्राइम ब्रांच की मदद से दोनों की पहचान मिस्कीन अली (38) और महवाल अली (35) के रूप में हुई। दोनों रायपुर के दलदल सिवनी इलाके के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चश्मा बेचने का बहाना कर इलाके में घूमते थे। 4 नवंबर को बिना नंबर की नीली स्कूटी में मर्रा पहुंचे और सुनसान घर देखकर नकली पुलिस व पत्रकार बनकर चोरी कर ली।
दोनों ने चोरी किए जेवर रायपुर के हलवाई लाइन स्थित एक ज्वेलर्स को 66 हजार रुपए में बेच दिए और रकम आपस में बांट ली। पुलिस ने मिस्कीन अली के घर से सोने का मंगलसूत्र भी बरामद किया है। आरोपियों ने अक्टूबर में नेवई, रिसाली सेक्टर, मैत्री नगर और गाड़ाडीह में भी चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूल की है।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।











