रायगढ़ में धान खरीदी ने पकड़ी रफ्तार, 43 हजार से अधिक किसानों से 2.67 लाख मीट्रिक टन उपार्जन

रायगढ़ जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य तेज गति से जारी है। किसानों में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। शासन के निर्देशानुसार 31 जनवरी 2026 तक खरीदी की प्रक्रिया पूरी की जानी है, जिसके लिए जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार अब तक 43 हजार 714 किसानों ने धान का विक्रय किया है। इन किसानों से कुल 2 लाख 67 हजार 512.12 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। इसमें 1 लाख 99 हजार 151.84 मीट्रिक टन मोटा धान और 68 हजार 360.28 मीट्रिक टन पतला धान शामिल है। बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने से उपार्जन केंद्रों में लगातार चहल-पहल बनी हुई है।

धान खरीदी के साथ-साथ उठाव का कार्य भी सुचारू रूप से चल रहा है। अब तक खरीदे गए धान में से 1 लाख 42 हजार 007.10 मीट्रिक टन धान का उठाव पूरा कर लिया गया है, जबकि 1 लाख 94 हजार 991.60 मीट्रिक टन धान के लिए डिलीवरी ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। प्रशासन का प्रयास है कि उपार्जन केंद्रों में धान का अधिक समय तक भंडारण न हो, ताकि किसानों को भुगतान में किसी तरह की देरी न हो।

प्रशासन द्वारा धान खरीदी प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा रही है। उपार्जन केंद्रों पर गुणवत्ता, नमी और किसी भी तरह की अनियमितता पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि वास्तविक किसानों को ही योजना का लाभ मिल सके। साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि टोकन कटने से लेकर धान विक्रय और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और किसान हितैषी रखी जाएगी। उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए बैठने, पेयजल, छाया और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।