रिलायंस ने अमेरिकी दबाव के बावजूद फिर शुरू की रूसी तेल की खरीद, तीन टैंकर भारत की ओर

अमेरिकी दबाव और रूस पर प्रतिबंधों के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक बार फिर रूसी कच्चा तेल खरीदना शुरू कर दिया है। लगभग 22 लाख बैरल तेल से भरे तीन टैंकर भारत के पश्चिमी तट पर स्थित रिलायंस के जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स की ओर बढ़ रहे हैं। इन टैंकरों की डिलीवरी इस महीने की शुरुआत में होने की उम्मीद है।
डेटा एनालिटिक्स कंपनी केप्लर के अनुसार, यह तेल यूराल ग्रेड का है और इसे भारत में ही ईंधन बनाने के लिए रिफाइन किया जाएगा। अक्टूबर में अमेरिका द्वारा रूस की बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल को ब्लैकलिस्ट किए जाने के बाद रिलायंस ने कुछ समय के लिए रूसी तेल की खरीद रोक दी थी। अब रिलायंस ने अन्य सप्लायर्स के जरिए खरीदारी फिर से शुरू कर दी है, जिनमें अल्घाफ मरीन, रेडवुड ग्लोबल सप्लाई, रसएक्सपोर्ट और एथोस एनर्जी जैसी ट्रेडिंग कंपनियां शामिल हैं।
भारत को रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिकी आलोचना के कारण कई रिफाइनरियों ने हाल के महीनों में रूसी तेल की खरीद कम कर दी थी। दिसंबर में जामनगर रिफाइनरी में रूसी तेल की सप्लाई घटकर करीब 2.7 लाख बैरल रोजाना रह गई, जो रिलायंस के कुल आयात का 20 प्रतिशत से कम है। जनवरी से नवंबर के बीच यह हिस्सा 40 प्रतिशत से अधिक था।
रिलायंस के अलावा सरकारी कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्प और भारत पेट्रोलियम कॉर्प भी गैर-प्रतिबंधित सप्लायर्स से रूसी कच्चा तेल खरीद रही हैं। भारी छूट, कम मुनाफा और अमेरिका के साथ व्यापार को लेकर बनी अनिश्चितता के बावजूद, रूसी तेल भारतीय रिफाइनरियों के लिए अब भी आकर्षक बना हुआ है।











