सरदार राव हत्याकांड में सीकर कोर्ट का फैसला: लॉरेंस बिश्नोई बरी, तीन को उम्रकैद

सीकर जिले की एससी-एसटी कोर्ट ने पूर्व सरपंच सरदार राव की हत्या के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और यतेंद्र को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। इसके साथ ही दोषी हरदेव राम, अरुण और हरेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अन्य छह दोषियों सुनील, मुकेश, भानु प्रताप, नरेंद्र, कुलदीप और ओमप्रकाश को 10-10 साल की सजा दी गई। इस मामले में दोषी सुभाष बराल फरार है।
हत्या 23 अगस्त 2017 को जुराठड़ा में सरदार राव पलसाना कस्बे की नेकीराम की किराना दुकान पर हुई थी। दोपहर के समय एक कार में सवार तीन बदमाशों ने सरदार राव पर गोली चलाकर हत्या कर दी थी। यह घटना चुनावी रंजिश के चलते की गई मानी जाती है।
पुलिस जांच में सामने आया कि सुभाष बराल ने अजमेर जेल में बंद रहते हुए सरदार राव को मारने की सुपारी दी थी और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से मदद ली गई थी। कोर्ट ने यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत पूरी तरह देखा और लॉरेंस बिश्नोई सहित अन्य दोषियों को विभिन्न सजा सुनाई।











