पीएम आवास योजना की पहली किस्त देकर भूल गई सरकार, हितग्राहियों को अब भी अगली राशि का इंतजार

धमतरी: जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पैसों का भुगतान अटका पड़ा है. जिससे हितग्राहियों को अपने पक्का आशियाने को जल्द पूरा करने दर दर भटकना पड़ रहा है. यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के 12 हजार से अधिक हितग्राहियों को मकान बनाने के लिए अब तक केवल 40 हजार रुपये प्रथम क़िस्त की राशि जारी की गई है लेकिन दरवाजा लेंटर तक के कार्य पूरा कर लिए जाने के बाद भी हितग्राहीयों के खाते में दूसरी किश्त जमा नही हो पाए है.

हितग्राही चेतन साहू, शेष राम, राजेन्द्र विश्वकर्मा ने बताया कि प्रशासन पहली किस्त देकर उन्हें भूल गई है. इसके बाद वह अपने सगे संबंधियों की मदद से आवास बनाने को मजबूर हैं. जैसे तैसे उन्होंने दरवाजा लेंटर का काम करवा चुके है. अब आगे मकान के निर्माण में वह सक्षम नहीं है.

गौरतलब हो कि जिले के हितग्राहियों को भरपूर संख्या में पीएम आवास की सौगात मिली है. दो साल में 21 हजार से ज्यादा पीएम आवास को मंजूरी मिली है. मंजूरी मिलने के बाद हितग्राही भी निर्माण में रूचि ले रहे हैं, जिसके चलते आवास निर्माण की स्थिति अच्छी है. लेकिन विडंबना यह है कि मापदंडों के अनुसार निर्माण कार्य होने के बाद भी हितग्राहियों को किस्त नहीं मिली है.

पैटर्न बदलने से क़िस्त जारी करने में हो रही देरी

मिली जानकारी अनुसार, धमतरी जिले के हितग्राहियों को पहले हितग्राहियों को किस्त देने की प्रक्रिया राज्य से की जाती थी, लेकिन अब पैटर्न बदल कर केंद्र सरकार से किस्त जारी करने की प्रक्रिया की जा रही है. इस बदलाव के कारण ही किस्त में थोड़ा विलंब हो रहा है. उधर किस्त नहीं मिलने से हितग्राहियों की परेशानी बढ़ गई है. कुछ लोग तो कर्ज लेकर निर्माण कार्य पूरा करवा रहे हैं. वहीं कुछ ने निर्माण कार्य रोक दिया है, किस्त मिलने के बाद वे निर्माण कार्य फिर से शुरू कर देंगे.

यहां पर दूसरी किस्त अटकी-

वर्ष 2025-26 में 20 हजार 460 पीएम आवास की स्वीकृति मिली है. इसमें से 18 हजार 460 हितग्राहियों को पहला किस्त दी जा चुकी है. 12 हजार 44 हितग्राहियों को दूसरी किस्त दी जानी है, जिसके लिए एफटीओ साइन किया जा चुका है. पर हितवाहियों को किस्त जारी नहीं हुई है न ही वस्तुस्थिति वेबसाइट में अपडेट हो पाई है. उल्लेखनीय है कि आवास निर्माण का यह लक्ष्य नवंबर माह में मिला है. कम समय के बावजूद निर्माण की रफ्तार अच्छी है. कुछ आवास तो लगभग पूर्ण हो चुके है. इन आवासों को छत ढलाई का जिओ टैगिंग किया जा रहा है, लेकिन अब तक दूसरी क़िस्त की राशि जारी नही होने से हितग्राही कर्ज में लदे आगे का काम पूरा नही करवा पा रहे.

82 प्रतिशत आवास पूर्ण

वर्ष 2024-25 में कुल 20 हजार 660 आवास की स्वीकृति मिली थी. इसमें से पहली किस्त 20 हजार 301 हितकाहियों को जारी की जा चुकी है. वहीं 19 हजार 64 लोगों को दूसरी किस्त भी दी जा चुकी है. जानकारी के अनुसार, इस वर्ष स्वीकृत आवास में से 82 प्रतिशत आवास का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन प्रक्रिया में विलंब के चलते अब तक हितग्राहियों को तीसरा किस्त नहीं दी गई है. उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही तीसरी और आखिरी क़िस्त जारी कर दी जायेगी.

अधिकांश मामलों में तकनीकी समस्या भी आ रही है सामने 

2024-25 में 369 आवास और वर्ष 2025-26 में 1931 आवास के लिए पहला किस्त ही नहीं जारी की जा सकी है. इनमें से अधिकांश मामलों में तकनीकी समस्या है. किसी का आधार मैच नहीं हो रहा है तो किसी का खाता नम्बर, कुछ हितग्राहियों की मृत्यु हो चुकी है.