सम्मान और स्वाभिमान के लिए अब सवर्ण समाज सड़कों पर, एकता का शंखनाद यूजीसी रोलबैक के नारों से गुजा रीवा शहर

रीवा: सवर्ण समाज के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए सवर्ण समाज के युवाओं और विभिन्न संगठनों ने एक विशाल रैली निकालकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया. आज के प्रदर्शन में शब्द समाज की युवा ने रीवा जिले में पुकार भारी है. आपको बता दे की मसाज जूस के माध्यम से यूजीसी का खुला विरोध किया गया है. वही यूजीसी रोलबैक के नारों से गूंज उठा रीवा शहर, यह रैली रीवा शहर के अटल पार्क से होते हुए सिरमौर चौराहा कॉलेज चौराहा होते हुए शिल्पी प्लाजा मृगनैनी से वापस आकर अटल पार्क में समाप्त हुई.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह लड़ाई किसी वर्ग के विरोध में नहीं, बल्कि सवर्णों के खोए हुए आत्मसम्मान और सुरक्षा प्राप्त करने के लिए है. मीडिया से मुखातिब होते हुए आंदोलनकारी नेताओं ने तीखे तेवर अपनाए. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे युवा भावुक अपील करते हुए कहा, “आजादी के 76 वर्षों में हमने हमेशा दूसरों के अधिकारों और आरक्षण का सम्मान किया है. लेकिन बदले में सवर्ण समाज को केवल उपेक्षा मिली है. अब हमें और कुछ नहीं, बस अपना वाजिब सम्मान चाहिए.
सामाजिक सुरक्षा: सवर्ण समाज के युवाओं के भविष्य और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करना.
समान अवसर: नीतियों में सवर्णों के हितों की अनदेखी बंद करने की मांग.
सरकार को चेतावनी: वक्ताओं ने केंद्र सरकार को संबोधित करते हुए कहा कि सवर्णों के धैर्य को उनकी कमजोरी न समझा जाए.
रैली के समापन पर भारी संख्या में मौजूद युवाओं प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो यह आंदोलन आने वाले समय में और उग्र रूप धारण कर सकता है. इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे.











