सिंहस्थ 2028 के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने खोला खजाना, इंदौर-उज्जैन के बीच बिछेगा सड़कों का जाल

2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी है। सिंहस्थ के लिए 13 हजार 851 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए है। इसमें इंदौर-उज्जैन सड़क को छह लेन बनाने के लिए 1164 करोड़ और इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड सड़क के लिए 1370 करोड़ रुपये की स्वीकृति शामिल है। इन दोनों सड़कों का कार्य सिंहस्थ से पहले पूरा हो जाएगा। इससे इंदौर और उज्जैन के बीच आवागमन सुगम होगा।
बजट में सरकार ने 2026-27 के लिए तीन हजार 60 करोड़ का प्राविधान भी किया है। इंदौर से उज्जैन को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क को चार लेन से छह लेन करने का कार्य बीते एक साल से जारी है। लवकुश चौराहा से उज्जैन तक सड़क को छह लेन किया जाएगा। वहीं सांवेर और अन्य बड़े गांवों में फ्लाईओवर और अंडरपास भी बनाए जा रहे है। 2027 तक इसका काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे इंदौर से उज्जैन के बीच का सफर समय कम हो जाएगा।
48 किमी लंबी ग्रीन फील्ड सड़क भी बन रही
इसके साथ ही सरकार सिंहस्थ से पहले इंदौर-उज्जैन के बीच 48 किमी लंबी ग्रीन फिल्ड सड़क भी बना रही है। यह सड़क इंदौर में पितृपर्वत के पास से शुरू होगी और उज्जैन में चितामन तक जाएगी। चार लेन की सड़क में तीन फ्लाईआवेर, एक आरओबी और 34 छोटे-बडे पूल-पुलिया बनाए जाएंगे। सड़क इंदौर जिले में 20 और उज्जैन के आठ गांवों से गुजरेगी। इंदौर में 173 हेक्टेयर जमीन 662 किसानों से अधिग्रहित की जाएगी। प्रशासन ने 626 करोड मुआवजा के अवार्ड पारित कर दिए है।
महाराष्ट्र और गुजरात के यात्रियों को फायदा सिंहस्थ से पहले इंदौर और उज्जैन के बीच एक ओर सडक के बनने से आवागमन सुगम होगा। ग्रीन फिल्ड सड़क से पीथमपुर के उद्योगिक क्षेत्र के साथ ही महाराष्ट्र और गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं को फायदा होगा। वह आसानी से इस सड़क का उपयोग कर उज्जैन पहुंच सकेंगे। इस सड़क के बनने से देपालपुर, हातोद जैसे क्षेत्रों में भी विकास तेजी से होगा।











