सूरजपुर में शादी की खुशियां मातम में बदलीं: आधी रात हथौड़े से पत्नी की हत्या, दो बहनें गंभीर घायल

सूरजपुर: खुशियों से भरे घर में अचानक ऐसा सन्नाटा पसरा कि पूरे इलाके की रूह कांप उठी. सरहरी गांव में 19–20 फरवरी को बेटे की बारात की रौनक अभी थमी भी नहीं थी कि 21 फरवरी की तड़के करीब सवा 2 बजे खून से सनी एक भयावह वारदात ने जश्न को मातम में बदल दिया. पुलिस के अनुसार, आरोपी गणेश कुशवाहा ने कथित तौर पर अपनी पत्नी यसोदा कुशवाहा (लगभग 35 वर्ष) पर बड़े हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर दिए. सिर पर गंभीर चोट लगने से यसोदा को संभलने या चीखने का मौका तक नहीं मिला.
परिवार के लोग बारात की थकान के बाद गहरी नींद में थे. उसी घर के दूसरे कमरे में सो रहीं छोटी बहन गंगोत्री कुशवाहा (लगभग 31 वर्ष) और पिंकी कुशवाहा पर भी आरोपी ने हमला किया. गंगोत्री के सिर पर जोरदार वार किए गए, जबकि पिंकी को भी गंभीर चोटें आईं. पिंकी के शोर मचाने पर घरवाले जागे, तब तक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुका था. घर की दीवारों पर फैले खून के छींटे और बिखरी चीखें उस रात की दहशत का मंजर बयान कर रहे थे.
घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रतापपुर ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को गंभीर हालत में अंबिकापुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही यसोदा ने दम तोड़ दिया. गंगोत्री की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है- उसके सिर पर दोनों तरफ से गहरी चोटें हैं. पिंकी का इलाज जारी है और उसे खतरे से बाहर बताया जा रहा है.
वारदात ने पूरे सूरजपुर जिले को झकझोर दिया है. जिस घर में दो दिन पहले शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां अब सिसकियां और सन्नाटा है. पड़ोसियों के मुताबिक, परिवार में किसी बड़े विवाद की खुली चर्चा नहीं थी, इसलिए अचानक हुई इस हिंसक घटना ने सबको हैरान कर दिया है. घटना के पीछे के कारणों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, पर आधिकारिक तौर पर कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ है.
प्रतापपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है. संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई है. पुलिस का कहना है कि घटना की हर एंगल से जांच की जा रही है- परिवारिक संबंध, हालिया गतिविधियां और घटना के समय की परिस्थितियां सबकी पड़ताल होगी. फोरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं.
यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है कि घरेलू विवाद या मानसिक तनाव किस तरह हिंसा में बदल सकता है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और जांच में सहयोग करें. उधर, गांव में शोक और गुस्से का माहौल है- हर कोई यही सवाल पूछ रहा है: आखिर शादी की खुशियों के बीच ऐसा क्या हुआ कि आधी रात को हथौड़े ने सब कुछ छीन लिया?











