संविलियन पूर्व सेवा को पेंशन योग्य सेवा मान्य किया जावे,छत्तीसगढ़ के बजट 2026 में हो प्रावधान – एसोसिएशन

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के वर्तमान बजट 2026 में संविलियन पूर्व की सेवा को पेंशन हेतु मान्य करते हुए पेंशन निर्धारित करने का प्रावधान होना चाहिए, इस संबंध में रमेश चंद्रवंशी WPS 2255/2021 एवं अन्य याचिकाओं में उच्च न्यायालय द्वारा यह महत्वपूर्ण रूप से प्रतिपादित किया गया है कि पेंशन एक कल्याणकारी योजना है तथा यह सेवाओं के बदले दिया जाने वाला स्थगित पारिश्रमिक है
साथ ही न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि संविलियन से पूर्व याचिकाकर्ताओं द्वारा दी गई दीर्घकालीन सेवाओं को अप्रासंगिक मानकर नजर अंदाज नहीं किया जा सकता।
इसके अतिरिक्त माननीय उच्च न्यायालय ने यह निर्देश भी दिया है कि सेवा की निरंतरता, किए गए कर्तव्यों की प्रकृति, वेतन का स्रोत, प्रशासनिक नियंत्रण तथा संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 के अंतर्गत समानता के संवैधानिक सिद्धांतों को अनिवार्य रूप से ध्यान में रखा जाना चाहिए, इसी आधार पर संविलियन के पूर्व की सेवा को पेंशन हेतु मान्य किया जावे।
इस संबंध में मुख्यसचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग, सचिव शिक्षा व संचालक लोकशिक्षण को मांगपत्र व न्यायालयीन तथ्य दिया गया है। 1 लाख 50 हजार एल बी संवर्ग के शिक्षक परिवार को इंतजार है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहु, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेंद्र यदु, डॉक्टर कोमल वैष्णव, उदय मुदलियार, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेंद्र पारीक ने कहा है कि केंद्र सरकार, उत्तरप्रदेश सरकार व उत्तराखंड सरकार की तरह छत्तीसगढ़ राज्य में भी पेंशन निर्धारण के लिए 33 वर्ष अर्हकारी सेवा के स्थान पर 20 वर्ष अर्हकारी सेवा होने पर 50 % पेंशन निर्धारण का प्रावधान किया जावे।
30 हजार सहायक शिक्षक पदोन्नति एवं क्रमोन्नति से वंचित है, पदोन्नति हेतु छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन की थीम पर 5 वर्ष के अनुभव को एक बार (वन टाइम रिलैक्सेशन) शिथिल करते हुए 3 वर्ष किया गया था
इसी तरह क्रमोन्नति/समयमान हेतु निर्धारित 10 वर्ष की सेवा को एक बार (वन टाइम रिलैक्सेशन) शिथिल करते हुए 5 वर्ष किया जावे।











