jee main 2026- सरकारी स्कूलों का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 300 से अधिक छात्रों ने पहले ही प्रयास में जीती जेईई मेन की जंग, अब सरकार कराएगी ‘एडवांस’ की तैयारी

पंजाब में इस साल सरकारी स्कूलों के 305 स्टूडेंट्स ने जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) मेन्स 2026 के अपने पहले ही अटेम्प्ट में क्वालिफाई किया है। यह पिछले साल के मुकाबले 63 फीसदी ज्यादा है।

jee main 2026/पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में एक नई ‘शिक्षा क्रांति’ की लहर देखने को मिल रही है, जिसका ताजा प्रमाण जेईई मेन 2026 सेशन 1 के परीक्षा परिणामों में नजर आया है।

राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 305 विद्यार्थियों ने अपने पहले ही प्रयास में इस प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा को पास कर इतिहास रच दिया है। यह सफलता इसलिए भी विशेष है क्योंकि पिछले वर्ष के मुकाबले सफल होने वाले छात्रों की संख्या में 63 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

jee main 2026/शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस उपलब्धि को राज्य की स्कूली शिक्षा प्रणाली के लिए एक ‘डिफाइनिंग मोमेंट’ (निर्णायक क्षण) बताया है और सफल छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बड़े प्रोत्साहन का ऐलान किया है।

जेईई मेन 2026 की परीक्षा में देश भर से करीब 13 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिसमें 12 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल का परफेक्ट स्कोर हासिल किया है।

इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के बीच पंजाब के सरकारी स्कूलों के बच्चों ने साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें, तो वे किसी से कम नहीं हैं। पिछले साल जहां 187 छात्र सफल हुए थे, वहीं इस बार यह आंकड़ा 300 के पार पहुंच गया है। शिक्षा मंत्री ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि अकेले उनके निर्वाचन क्षेत्र श्री आनंदपुर साहिब के ही पांच छात्रों ने इस कठिन परीक्षा में सफलता पाई है।

इन होनहार छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए पंजाब सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा की कि जो छात्र जेईई मेन सेशन 1 पास कर चुके हैं, उन्हें ‘जेईई एडवांस्ड’ की तैयारी के लिए सरकार तीन सप्ताह का एक विशेष ‘रेजिडेंशियल ट्रेनिंग कैंप’ आयोजित करके देगी।

इस कैंप में छात्रों को अनुभवी शिक्षकों द्वारा गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे देश के शीर्ष आईआईटी (IITs) में अपनी जगह सुरक्षित कर सकें। सरकार की इस पहल का उद्देश्य उन प्रतिभावान बच्चों को संसाधनों की कमी न होने देना है जो अपनी मेहनत से यहां तक पहुंचे हैं।

jee main 2026/इस सफलता की सबसे खूबसूरत तस्वीर साधारण परिवारों से आने वाले बच्चों ने पेश की है। अमृतसर के ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ के छात्र भविष्य ने 98.182 पर्सेंटाइल हासिल कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। भविष्य की इस जीत के पीछे एक प्रेरणादायक संघर्ष है; उनके पिता मोबाइल रिपेयरिंग की एक छोटी सी दुकान चलाते हैं और उनकी मां सिलाई-कढ़ाई (टेलर) का काम करती हैं। 

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