भोजशाला मामले में आज अहम सुनवाई, सर्वे रिपोर्ट सामने आने की संभावना

धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला के सरस्वती (वाग्देवी) मंदिर बनाम कमाल मौला मस्जिद विवाद में सोमवार (23 फरवरी) को हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई शुरू होने जा रही है।
न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला एवं न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की डबल बेंच में सुनवाई के लिए मामला क्रम संख्या 102 पर सूचीबद्ध किया गया है।
सर्वे रिपोर्ट सामने आएगी
इस सुनवाई की सबसे अहम पहलू वर्ष 2024 में भोजशाला परिसर में 98 दिनों तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) द्वारा किए गए विस्तृत सर्वे की रिपोर्ट है। संभावना है कि सोमवार को सुनवाई के दौरान यह सर्वे रिपोर्ट सामने आएगी।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने खुली अदालत में यह सर्वे रिपोर्ट खोलकर संबंधित पक्षों और उनके अधिवक्ताओं को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने गत जनवरी माह में भोजशाला के वास्तविक धार्मिक स्वरूप पर निर्णय के लिए सुनवाई हाई कोर्ट द्वारा किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए दिए थे।
इसके बाद गत 20 फरवरी को हाई कोर्ट की जबलपुर मुख्यपीठ ने भी आदेश जारी कर यह स्पष्ट कर दिया कि भोजशाला मामले की सुनवाई पूर्ण रूप से इंदौर खंडपीठ में होगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद नई प्रक्रिया
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने भोजशाला से संबंधित मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए रिट याचिका क्रमांक 10497/2022 की सुनवाई डिवीजन बेंच से कराने का निर्देश दिया है, जिसकी अध्यक्षता अधिमानतः मुख्य न्यायाधीश या वरिष्ठतम न्यायाधीश द्वारा की जाए। यह आदेश मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी बनाम हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस एवं अन्य प्रकरण में पारित हुआ।
यह है पूरा मामला
पूजा के अधिकार बनाम नमाज की अनुमति को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में यह मामला हिन्दू फ्रंट फार जस्टिस व अन्य की ओर से दाखिल किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि 1010 से 1055 ईस्वी के बीच राजा भोज द्वारा निर्मित भोजशाला नाम के इस स्थल में देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर था और यह संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केंद्र था।











