गैंगवार के हाफ मर्डर मामले में 13 दोषियों को 7-7 साल की सजा, हिस्ट्रीशीटर मैडी भी शामिल

शहर में तीन साल पहले हुए गैंगवार और हाफ मर्डर के मामले में अदालत ने हिस्ट्रीशीटर मैडी उर्फ रितेश निखारे समेत 13 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 7-7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला मैडी गैंग और वसीम खान गैंग के बीच हुए खूनी संघर्ष से जुड़ा था, जिसमें भास्कर वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया था।
घटना 7 मई 2023 की देर रात तारबाहर थाना क्षेत्र के टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित हेवंस पार्क के पास हुई थी। भास्कर वर्मा अपने मित्र नवीन के साथ बाइक पर खड़ा था, तभी दो कार और तीन बाइक में सवार 10 से 15 लोग मौके पर पहुंचे और उसे घेर लिया। हमलावरों ने गली को दोनों ओर से बंद कर दौड़ा-दौड़ा कर उसकी पिटाई की।
हमले में एक विशेष प्रकार के हथियार का इस्तेमाल किया गया था। लोहे की रॉड पर बाइक की चेन रिंग काटकर नुकीला हथियार तैयार किया गया था, जो फरसे जैसा दिखाई देता था। इसी हथियार से कई वार किए गए, जिससे भास्कर गंभीर रूप से घायल हो गया।
मामले में पुलिस ने मैडी उर्फ रितेश निखारे, सिद्धार्थ शर्मा उर्फ छोटू, आदित्य प्रकाश दुबे, प्रिंस शर्मा, काव्य गढ़वाल, एम. वरुण, रूपेश दुबे, आयुष मराठा उर्फ बाबू, फरीद अहमद उर्फ सोनू खान, सोनू उर्फ आशीष माली, मोहम्मद साबिर उर्फ रानू, विकास वैष्णव उर्फ बाबा राजू और विराज सिंह ध्रुव उर्फ गोलू विदेशी को आरोपी बनाया था। सभी को गिरफ्तार कर आरोप पत्र पेश किया गया, जिसके बाद एट्रोसिटी स्पेशल कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई।
विशेष न्यायाधीश लवकेश प्रताप बघेल ने सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए शनिवार को 7-7 साल की सजा सुनाई। फैसले से पहले कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, क्योंकि आरोपियों के समर्थकों की भीड़ वहां पहुंच गई थी।
सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने सभी दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। जेल ले जाते समय मैडी अपने साथियों से हंसते हुए बातें करता नजर आया। भीड़ जेल परिसर तक पहुंच गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।











