वर्षों की मांग पूरी: कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कृषि महाविद्यालय व छात्रावास भवन का किया भूमिपूजन, अब नहीं होगा युवाओं का पलायन

सूरजपुर: प्रतापपुर क्षेत्र के लिए आज यानी 2 मार्च 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने ग्राम धोन्धा, प्रतापपुर में बहुप्रतीक्षित कृषि महाविद्यालय भवन का विधिवत भूमिपूजन किया. 889.53 लाख रुपये की लागत से बनने वाले कृषि महाविद्यालय भवन तथा 602.10 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले बालक एवं कन्या छात्रावास भवन का भूमि पूजन मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ.
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने की. अति विशिष्ट अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एवं सरगुजा सांसद चिंतामणी महाराज उपस्थित रहे. विशिष्ट अतिथियों में जिला पंचायत सूरजपुर की अध्यक्ष चंद्रमणी पैकरा, जनपद पंचायत प्रतापपुर की अध्यक्ष सुखमनिया आयम, ग्राम पंचायत धौन्धा की सरपंच सुसन्ना देवी सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन मौजूद रहे.

भूमिपूजन के पश्चात कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक भवन का निर्माण नहीं, बल्कि प्रतापपुर के कृषि भविष्य की नींव है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. इस महाविद्यालय में आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज उत्पादन, जैव प्रौद्योगिकी, उद्यानिकी, पशुपालन एवं ग्रामीण प्रबंधन जैसे विषयों में उच्च शिक्षा उपलब्ध होगी. अब क्षेत्र के युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा.
विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने कहा कि यह महाविद्यालय उनके लंबे संघर्ष और क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग का परिणाम है. उन्होंने कहा कि प्रतापपुर जैसे आदिवासी एवं ग्रामीण अंचल में उच्च कृषि शिक्षा संस्थान की स्थापना से क्षेत्र के किसानों और विद्यार्थियों का भविष्य संवर जाएगा. विधायक ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं कृषि मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सौगात क्षेत्र के विकास की नई इबारत लिखेगी.

जिला पंचायत सदस्य लवकेश पैंकरा ने अपने लगभग 11 पंक्तियों के संबोधन में कहा कि प्रतापपुर के इतिहास में यह दिन स्वर्णाक्षरों में दर्ज होगा. उन्होंने कहा कि वर्षों से क्षेत्र के किसान आधुनिक कृषि ज्ञान से वंचित थे, लेकिन अब उनके बच्चों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी. लवकेश पैंकरा ने कहा कि यह महाविद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं होगा, बल्कि किसानों के लिए अनुसंधान, प्रशिक्षण और नवाचार का हब बनेगा. उन्होंने विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयासों के कारण यह सपना साकार हुआ है. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाएं और आत्मनिर्भर बनें.
कार्यक्रम के अंत में अधीक्षक भौतिक संयंत्र मोहन कोमरे, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर तथा प्रभारी अधिष्ठाता डॉ. पी. एस. राठिया ने निर्माण कार्य की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आश्वस्त किया कि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा. कृषि महाविद्यालय और छात्रावास भवन की स्थापना से प्रतापपुर को शिक्षा, अनुसंधान और कृषि विकास के क्षेत्र में नई पहचान मिलने जा रही है. लंबे इंतजार के बाद मिली यह सौगात क्षेत्र के युवाओं और किसानों के लिए उज्ज्वल भविष्य की नई किरण साबित होगी.











