कोरबा में कबाड़ माफियाओं पर चला प्रशासन का हंटर: अवैध ठिकानों पर गरजा निगम का बुलडोजर, मचा हड़कंप

कोरबा: औद्योगिक नगरी कोरबा में अवैध रूप से संचालित कबाड़ ठिकानों के खिलाफ नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है. शहर के अलग-अलग तीन प्रमुख इलाकों में कबाड़ कारोबारियों के ठिकानों पर नगर निगम का बुलडोजर चला, जिससे पूरे जिले के कबाड़ जगत में हड़कंप मच गया है.

तीन प्रमुख ठिकानों पर एक साथ दबिश, प्रशासनिक अमले ने बुधवार को योजनाबद्ध तरीके से राताखार, रामनगर और कोरकोमा क्षेत्रों में कार्यवाही की. इन क्षेत्रों में लंबे समय से बिना अनुमति के कबाड़ यार्ड संचालित किए जा रहे थे.
रामनगर में तन्वीर कबाड़ी पर एक्शन: रामनगर इलाके में कुख्यात कबाड़ कारोबारी तन्वीर के ठिकाने पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाया गया. अवैध रूप से सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए ढांचे को निगम की टीम ने जमींदोज कर दिया.
कोरकोमा में भी चला पीला पंजा: कोरकोमा क्षेत्र में संचालित एक अन्य बड़े कबाड़ यार्ड पर भी प्रशासनिक अमले ने कार्रवाई की। यहां भी अवैध निर्माणों को ढहा दिया गया.
राताखार में कार्यवाही: राताखार क्षेत्र में भी नोटिस की अवधि बीतने के बाद निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए अतिक्रमण हटाया.
प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष
डिप्टी कलेक्टर नीरज कौशिक (नगर निगम):
“शहर में बिना अनुमति और अवैध कब्जे में संचालित कबाड़ यार्डों की पहचान कर ली गई है. राताखार, रामनगर और कोरकोमा में यह कार्यवाही की गई है. इन कारोबारियों को पहले भी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने और कब्जा न हटाने पर आज यह कड़ी कार्यवाही की गई.”
प्रतीक चतुर्वेदी (CSP, कोरबा):
“नगर निगम से प्राप्त पत्र के आधार पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कार्यवाही के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 30 से 40 की संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस और निगम की टीम ने मिलकर अवैध ढांचों को हटाने की प्रक्रिया पूरी की.”
प्रमुख बिंदु
भारी पुलिस बल तैनात: कार्यवाही के दौरान किसी भी विरोध की स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में जवान मौजूद रहे.
नोटिस के बाद एक्शन: प्रशासन ने साफ किया कि यह अचानक की गई कार्यवाही नहीं है, बल्कि नियमानुसार नोटिस देने के बाद की गई है.
अवैध कारोबार पर चोट: इस कार्यवाही से शहर में अवैध रूप से कबाड़ का काम करने वाले माफियाओं के बीच दहशत का माहौल है.











