CJP प्रोटेस्ट के दौरान फोटो के साथ छेड़छाड़ की गई… महिला ने लगाया आरोप, दिपके-दास के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनों के दौरान एक महिला की फोटो के साथ कथित छेड़छाड़ कर प्रदर्शित करने का मामला सामने आया है. महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी तस्वीर को AI और फेस-स्वैप तकनीक की मदद से मॉर्फ किया गया और बाद में इसका इस्तेमाल प्रदर्शन के दौरान बैनर-पोस्टर में किया गया.

पीड़ित महिला का आरोप है कि AI और फेस-स्वैप तकनीक का इस्तेमाल कर उसकी तस्वीर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गलत तरीके से सुपरइम्पोज किया गया. इसके बाद विरोध प्रदर्शन में बड़े-बड़े बैनरों और पोस्टरों पर छेड़छाड़ की गई तस्वीर का इस्तेमाल किया गया. वहीं, शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदामा दर्ज किया है.

धमकियों और उत्पीड़न के आरोप भी शामिल

महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसकी निजी तस्वीर उसकी सहमति के बिना ली गई और उसमें छेड़छाड़ की गई. आरोप है कि सनसनीखेज प्रभाव पैदा करने के उद्देश्य से AI से तस्वीर को बदला गया था. आरोप है कि गलत तस्वीर वाला वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया गया, जिसमें फोटो को लेकर कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों ने अभद्र नारे लगाए.

यही नहीं, महिला का आरोप है कि सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लड़कों ने उसे धमकाया और उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जो उसकी मर्यादा का उल्लंघन था.महिला का कहना है कि उसकी निजी तस्वीर का इस्तेमाल बिना सहमति के किया गया. शिकायत में आरोप लगाया कि इस घटना से महिला की गरिमा को ठेस पहुंची है और उसकी छवि धूमिल हुई.

महिला की ओर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और सौरभ दास समेत कई लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी. हालांकि, जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने एफआईआर में दिपके या सौरभ दास को आरोपी के रूप में नामित नहीं किया है. पुलिस ने कहा है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है.

NEET पेपर लीक विवाद को लेकर प्रदर्शन

दिल्ली के ऐतिहासित जंतर-मंतर पर छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी ने जुलाई में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया था. यह प्रदर्शन NEET और अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक विवाद को लेकर किया गया. सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन स्थल पर भूख-हड़ताल पर बैठे थे. बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे थे, जहां उनकी दिल्ली पुलिस के बीच भारी झड़पें और लाठीचार्ज भी हुआ था.

हालांकि, 20 जुलाई को पुलिस के साथ हुए टकराव और छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना के बाद मामला और बढ़ गया. आखिरकार में सरकार को झुकना पड़ा और 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री घर्मेंद्र प्रदान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद यह आंदोलन वापस लिया गया था.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close