बार-बार हाथ धोते हैं फिर भी बीमार पड़ते हैं? ये गलतियां हो सकती हैं वजह

हाथों में सबसे ज्यादा बैक्टीरिया पैदा होते हैं. क्योंकि हाथों का इस्तेमाल हम हर जगह और हर काम के लिए करते हैं. ऐसे में समय-समय पर हाथ धोना जरूरी बताया गया है. लेकिन क्या सिर्फ हाथ धोना बैक्टीरिया को कम कर देता है? नहीं…ऐसा नहीं है. आज भी लोग हाथ धोते समय कुछ ऐसी आम गलतियां करते हैं, जिससे हाथ पूरी तरह से साफ नहीं हो पाते हैं. यही वजह है कि हाथ धोने के बाद भी कई लोग और बच्चे बीमार पड़ जाते हैं. ऐसे में ये समझना जरूरी है कि गलती कहां हो रही है.

दरअसल, समस्या हाथ धोने की आदत में नहीं बल्कि उसे गलत तरीके से करने में हो सकती है. बहुत कम समय तक हाथ धोना, उंगलियों के बीच और नाखूनों की सफाई को नजरअंदाज करना या हाथ धोने के तुरंत बाद दूषित सतहों को छू लेना जैसी गलतियां संक्रमण के जोखिम को बढ़ा सकती हैं. चलिए जानते हैं हाथ धोने का सही तरीका और समय क्या है.

हाथ सोच से ज्यादा फैला सकते हैं संक्रमण
ज्यादातर लोग मानते हैं कि संक्रमण मुख्य रूप से खांसने, छींकने या भीड़भाड़ वाली जगहों के जरिए फैलता है. लेकिन कई सामान्य बीमारियां गंदे हाथों के जरिए भी फैलती हैं. जब हम दूषित हाथों से अपने मुंह, नाक, भोजन या आसपास की चीजों को छूते हैं, तो संक्रमण आसानी से शरीर में पहुंच सकता है. सामान्य सर्दी-जुकाम, फ्लू, डायरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियां इसी रास्ते से फैल सकती हैं. इसके बावजूद अक्सर लोग सिर्फ हाथों के साफ दिखने को ही स्वच्छता मान लेते हैं.

हेल्थ एक्सपर्ट और स्टडी के अनुसार सही तरीके से हाथ धोने की आदत संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है. आंकड़ों के मुताबिक, नियमित और सही हैंडवॉशिंग से डायरिया के मामलों में 23 से 40 प्रतिशत तक कमी आ सकती है. वहीं कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में डायरिया का खतरा 58 प्रतिशत तक घट सकता है. इसके अलावा सर्दी-जुकाम जैसी श्वसन संबंधी बीमारियों के मामलों में भी 16 से 21 प्रतिशत तक कमी देखी गई है.

क्या आप पर्याप्त समय तक हाथ धोते हैं?
कई लोग हाथ धोते समय केवल कुछ सेकंड तक पानी से हाथ साफ कर लेते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं होता. विशेषज्ञों का कहना है कि हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से अच्छी तरह रगड़कर धोना चाहिए. हाथ धोते समय हथेलियों के साथ-साथ हाथों की पीठ, उंगलियों के बीच की जगह, पोर, अंगूठे, उंगलियों के सिरे और कलाई को भी अच्छी तरह साफ करना जरूरी है. ये वे हिस्से हैं जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं.

इसके अलावा हाथ धोने के बाद उन्हें अच्छी तरह सुखाना भी जरूरी है. गीले हाथों पर कीटाणु आसानी से चिपक सकते हैं और फैल सकते हैं. वहीं लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे गीले तौलिये भी दोबारा संक्रमण का कारण बन सकते हैं.

हाथ कब-कब धोना जरूरी है?
हाथ धोने का सही समय भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितनी सही तकनीक. खाने खाने से पहले या बनाने से पहले, शौचालय का उपयोग करने के बाद, खांसने या छींकने के बाद, किसी बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद, कूड़ा छूने के बाद और जानवरों या सार्वजनिक स्थानों की ज्यादा छुई जाने वाली सतहों को छूने के बाद हाथ जरूर धोने चाहिए.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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