सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी फार्मेसी में गलत दवा देने का आरोप, नशे में ड्यूटी करने की शिकायत पर कर्मचारी APO

बीडीके अस्पताल की इमरजेंसी फार्मेसी में मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि बुखार से पीड़ित एक मासूम को पर्चे में लिखी दवा की जगह दूसरी दवा दे दी गई। परिजनों ने फार्मेसी काउंटर पर तैनात स्टाफ नर्स पर नशे में होने का आरोप लगाया है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारी रवींद्र सिंह को एपीओ कर दिया और जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी।
बुखार के इलाज के लिए पहुंचे थे अस्पताल
जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 10 बजे एक परिवार अपने छोटे बच्चे को तेज बुखार की शिकायत पर बीडीके अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में लेकर पहुंचा था। ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. राहुल सोनी ने बच्चे की जांच कर दवाइयां लिखीं। इसके बाद परिजन अस्पताल की इमरजेंसी फार्मेसी से दवा लेने पहुंचे।
गलत दवा देने का आरोप, नशे में होने की भी शिकायत
परिजनों का आरोप है कि फार्मेसी काउंटर पर एनएचएम के तहत संविदा पर तैनात स्टाफ नर्स रवींद्र सिंह मौजूद था, जो नशे की हालत में लग रहा था और लड़खड़ा रहा था। आरोप है कि उसने पर्चे में लिखी दवा के बजाय दूसरी दवा दे दी। जब परिजनों ने इस बारे में पूछा तो उसने दावा किया कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई घाव पर लगाने वाली दवा ही दी गई है, जबकि बच्चे को कोई घाव नहीं था और उसका इलाज बुखार के लिए चल रहा था।
परिजनों ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
गलत दवा मिलने और स्टाफ नर्स के व्यवहार पर शक होने पर परिजनों ने मौके पर ही वीडियो बना लिया। बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया गया।
पीएमओ ने किया APO, कमेटी करेगी जांच
मामला सामने आने के बाद बीडीके अस्पताल के पीएमओ डॉ. जितेंद्र भांभू ने इसे गंभीरता से लेते हुए आरोपी संविदा स्टाफ नर्स रवींद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से फार्मेसी ड्यूटी से हटा दिया। जांच पूरी होने तक उसे नर्सिंग अधीक्षक कार्यालय में उपस्थिति देने के निर्देश दिए गए हैं।
तीन सदस्यीय कमेटी को सौंपी जांच
पीएमओ ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डॉ. संदीप नेमीवाल, डॉ. नवीन और नर्सिंग अधिकारी प्यारेलाल की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद तथ्य सामने आने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











