गरियाबंद में कोटवार नियुक्ति विवाद गहराया, ग्रामसभा के फैसले को दरकिनार करने का आरोप

गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में कोटवार नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। देवभोग तहसील के ख़ुटगांव ग्राम पंचायत में नए कोटवार की नियुक्ति पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को 100 से अधिक ग्रामीण तहसील कार्यालय पहुंचे और नियुक्ति प्रक्रिया के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामसभा की अनुशंसा को नजरअंदाज कर नियमों के विपरीत अपात्र महिला को कोटवार नियुक्त कर दिया गया।

‘उत्तराधिकारी की जगह दूसरे परिवार को मिला पद’

ग्रामीणों के अनुसार, तत्कालीन कोटवार गुलाब बघेल के निधन के बाद परंपरा और नियमानुसार उनके परिवार से ही उत्तराधिकारी की नियुक्ति होनी थी। इसके लिए ग्रामसभा आयोजित कर संबंधित व्यक्ति का नाम भी प्रस्तावित किया गया था। बावजूद इसके, दूसरे परिवार की महिला को कोटवार नियुक्त किए जाने से गांव में नाराजगी फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई।

सरपंच बोले- कमिश्नर और अदालत तक जाएंगे

मामले को लेकर ग्राम पंचायत के सरपंच ने नियुक्ति को नियम विरुद्ध बताते हुए कहा कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो इसकी शिकायत कमिश्नर कार्यालय से लेकर न्यायालय तक की जाएगी। उनका कहना है कि ग्रामसभा के निर्णय की अनदेखी लोकतांत्रिक व्यवस्था और पंचायत के अधिकारों का उल्लंघन है।

तहसीलदार ने नियुक्ति को बताया नियमसम्मत

वहीं, देवभोग तहसीलदार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कोटवार की नियुक्ति शासन के निर्धारित नियमों और प्रदत्त अधिकारों के तहत विधिवत की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह वैधानिक है और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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