‘मौत भी आई तो अपनी मिट्टी पर…’ भारत में निर्वासन खत्म कर दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना, कोर्ट में करेंगी सरेंडर

नई दिल्ली, 10 जुलाई 2026
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह दिसंबर 2026 तक भारत में अपना निर्वासन समाप्त कर स्वदेश लौटेंगी और अदालत के सामने आत्मसमर्पण करेंगी। समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए एक विशेष इंटरव्यू में हसीना ने कहा कि वह अपने वरिष्ठ अवामी लीग नेताओं के साथ बांग्लादेश लौटने की तैयारी कर रही हैं, भले ही उन्हें गिरफ्तारी या मौत की सजा का सामना क्यों न करना पड़े।
हसीना ने कहा कि वह यह देखना चाहती हैं कि बांग्लादेश की मौजूदा सरकार अपने सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के साथ कैसा व्यवहार करती है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार दमन हो रहा है, इसलिए अब वह अदालत का सामना करने के लिए तैयार हैं।
करीब एक घंटे तक चले टेलीफोनिक इंटरव्यू में शेख हसीना ने भावुक अंदाज में कहा, “हो सकता है कि मुझे लौटते ही गिरफ्तार कर लिया जाए या मार दिया जाए, लेकिन मुझे अपने देश वापस जाना ही है। अगर मौत भी आए तो मैं चाहती हूं कि वह मेरी अपनी मिट्टी पर आए, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं और जहां उनका खून बहा था।”
गौरतलब है कि बांग्लादेश में शेख हसीना और उनकी पार्टी अवामी लीग गंभीर कानूनी और राजनीतिक संकट का सामना कर रही है। उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और उन्हें मौत की सजा तक का खतरा बताया जा रहा है। ऐसे में उनका स्वदेश लौटने और अदालत में आत्मसमर्पण करने का फैसला बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
शेख हसीना के इस ऐलान के बाद बांग्लादेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी वापसी से देश की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं और आने वाले दिनों में हालात और अधिक गर्मा सकते हैं।











