महाराष्ट्र: कार में क्या जहर का इंजेक्शन लिया था? लातूर में कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर की संदिग्ध मौत; गाड़ी में मिलीं इंजेक्शन की खाली शीशियां

महाराष्ट्र के लातूर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. शहर के एम.जे. हॉस्पिटल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) डॉ. मेहुल ईश्वर राठौड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. शुरुआती जांच में पुलिस सुसाइड की आशंका जता रही है, हालांकि मौत के पीछे की वास्तविक वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है. पुलिस और फोरेंसिक टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.

डॉ. मेहुल राठौड़ लातूर के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ थे. बुधवार डॉ. मेहुल राठौड़ अपनी इनोवा कार से अंबेजोगाई रोड इलाके में पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 1:30 बजे से उनकी कार उसी इलाके में खड़ी देखी गई थी. काफी देर तक जब वह अस्पताल नहीं लौटे और उनका किसी से संपर्क नहीं हो पाया तो परिवार और अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें फोन करना शुरू किया.

लगातार फोन करने के बावजूद जब उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया तो उनकी तलाश शुरू की गई. बाद में सूचना मिली कि उनकी कार अंबेजोगाई रोड क्षेत्र में खड़ी है. मौके पर पहुंचने पर उन्हें कार के अंदर गंभीर हालत में पाया गया.

कार में मिले इंजेक्शन, जांच में जुटी पुलिस

प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि डॉ. राठौड़ ने कार के अंदर किसी जहरीले पदार्थ का इंजेक्शन लिया हो. पुलिस को कार से कुछ इंजेक्शन की खाली शीशियां भी मिली हैं. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उनमें कौन-सा पदार्थ था. फोरेंसिक टीम ने सभी साक्ष्य कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी.

पत्नी और साथी डॉक्टर पहुंचे, लेकिन नहीं बच सकी जान

सूचना मिलने के बाद डॉ. मेहुल राठौड़ की पत्नी, जो स्वयं भी डॉक्टर हैं, अपने कुछ सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचीं. उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की हरसंभव कोशिश की. हालांकि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और घटनास्थल का पंचनामा शुरू किया गया. फोरेंसिक विशेषज्ञों ने भी कार और आसपास के इलाके से नमूने एकत्र किए हैं.

आत्महत्या की वजह अब भी रहस्य

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि डॉ. मेहुल राठौड़ ने यह कदम क्यों उठाया. पुलिस उनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित एंगल से मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम व फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी. इस घटना ने चिकित्सा समुदाय और उनके मरीजों को गहरे सदमे में डाल दिया है.

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com