2200 करोड़ के बकाया भुगतान की मांग पर ठेकेदारों का प्रदर्शन, विधानसभा मार्च रोका गया

छत्तीसगढ़ में लंबित भुगतान और निर्माण विभागों में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदेशभर के ठेकेदारों ने नवा रायपुर में अर्धनग्न प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले जुटे ठेकेदार विधानसभा घेराव के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने विधानसभा से करीब 200 मीटर पहले बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।

प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए ठेकेदार पहले तूता स्थित धरना स्थल पर एकत्र हुए थे। वहां से विधानसभा की ओर कूच शुरू करते ही पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि करीब 2200 करोड़ रुपये के लंबित भुगतान के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और ठेकेदार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार ज्ञापन सौंपने और जल जीवन मिशन कार्यालय का घेराव करने के बावजूद भुगतान प्रक्रिया में अपेक्षित तेजी नहीं आई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन समेत कई निर्माण विभागों में भ्रष्टाचार, अफसरशाही और मनमानी का माहौल है। उनके अनुसार निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी ठेकेदारों को डेढ़ से दो वर्ष तक भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ रहा है और अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है।

एसोसिएशन ने बताया कि आंदोलन की अगली रणनीति दो दिन बाद आयोजित बैठक में तय की जाएगी। ठेकेदारों ने मांग की है कि 2200 करोड़ रुपये के लंबित बिलों का तत्काल भुगतान किया जाए, लगभग 3000 करोड़ रुपये के आगामी बिलों के लिए अग्रिम बजट जारी किया जाए, अनुबंध के अनुसार रनिंग और पार्ट पेमेंट शुरू किया जाए, 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने पर पूरा भुगतान मिले, अतिरिक्त नियम समाप्त किए जाएं, विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए तथा भ्रष्ट अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
close
Virus-free.www.avast.com