उसलापुर गुड्स शेड पर हाईकोर्ट सख्त, जांच रिपोर्ट में बुनियादी सुविधाओं की कमी उजागर

बिलासपुर रेलवे माल गोदाम को उसलापुर स्थानांतरित करने के फैसले के खिलाफ दायर मजदूर यूनियन और ट्रक मालिक संघ की याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कलेक्टर की ओर से प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में नए गुड्स शेड में कई बुनियादी सुविधाओं की कमी होने की बात सामने आई। मामले में सभी पक्षों को 22 जुलाई से पहले आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अंतिम सुनवाई 22 जुलाई को होगी।

हाईकोर्ट के निर्देश पर बिलासपुर कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त की अध्यक्षता में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर निरीक्षण कराया था। टीम की रिपोर्ट में बताया गया कि उसलापुर स्थित नए माल गोदाम में पर्याप्त शेड और व्यवस्थित गोदाम उपलब्ध नहीं हैं। परिसर में ट्रकों के घूमने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है और बारिश के दौरान जल निकासी के लिए ड्रेनेज व्यवस्था भी नहीं बनाई गई है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि माल गोदाम तक पहुंचने वाली एप्रोच रोड जर्जर स्थिति में है, जिसकी तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। मजदूरों के लिए बनाए गए विश्राम गृह और शौचालय बिलासपुर छोर पर करीब एक किलोमीटर दूर हैं, जबकि उसलापुर छोर पर निर्माण कार्य अभी अधूरा है। प्लेटफॉर्म के जीरो लेवल पर होने के कारण माल की लोडिंग और अनलोडिंग में भी कठिनाइयों की आशंका जताई गई है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने हाल ही में लिए गए फोटोग्राफ कोर्ट में पेश करते हुए दावा किया कि उसलापुर गुड्स शेड में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और रेलवे अदालत के समक्ष गलत जानकारी प्रस्तुत कर रहा है।

वहीं रेलवे की ओर से अदालत में कहा गया कि उसलापुर गुड्स शेड में सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं और लगाए गए आरोप निराधार हैं। इस दौरान दायर हस्तक्षेप याचिका को भी हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अब मामले की अगली और अंतिम सुनवाई 22 जुलाई को होगी, जिसमें सभी पक्षों के दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

jagjaahir desk

पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है।
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