राजिम में अवैध प्लाटिंग का आरोप, नहर-तालाब पाटने की शिकायत पर प्रशासन सख्त

राजिम क्षेत्र में सरकारी नहरों और तालाबों को पाटकर अवैध प्लाटिंग किए जाने के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। मामले में शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। एसडीएम ने बताया कि 100 से अधिक रकबे की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है और जांच में अनियमितता मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बरोंडा निवासी नेतराम धृतलहरे ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों द्वारा मशीनों की मदद से सरकारी तालाब को पाटकर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। शिकायत के साथ उन्होंने कथित तौर पर वीडियो साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जून के अंतिम सप्ताह में तालाब पाटे जाने की जानकारी स्थानीय तहसीलदार और एसडीएम को भी दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनके अनुसार, खसरा नंबर 584 में दर्ज लगभग डेढ़ एकड़ निस्तारी तालाब को पाट दिया गया, जिससे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर प्लाटिंग का रास्ता तैयार किया गया।
आरोप यह भी है कि कार्रवाई नहीं होने से अन्य स्थानों पर भी नहर और तालाबों को पाटने का काम जारी है। चौबे बांधा मार्ग स्थित दानी तालाब के एक हिस्से को भी सड़क की ओर से भरने का प्रयास किए जाने की शिकायत की गई है।
प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। संबंधित भूमि की स्थिति और शिकायत में लगाए गए आरोपों का सत्यापन किया जाएगा। यदि जांच में अवैध प्लाटिंग या सरकारी जल स्रोतों पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।











