नेपाल में बारिश-दरभंगा के 20 गांव में चल रही नाव:6 गांव टापू बने, सड़क संपर्क टूटा; बगहा समेत 7 जिलों में बारिश, 5 शहरों में अलर्ट

नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से कोसी नदी उफान पर है। कोसी बराज से छोड़े गए पानी की वजह से दरभंगा में 20 से ज्यादा गांव डूब चुके हैं। इन गांवों में नाव चल रही है।
बराज से पानी छोड़ने के चौथे दिन कोसी और कमला बलान नदियों का जलस्तर बढ़ने से कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। 6 गांव टापू बन चुके हैं। सड़क से संपर्क टूट गया है।
कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड की इटहर पंचायत के इटहर, चौकिया, लक्ष्मिनियां, बलथरवा और बसबरिया और सूघराईन पंचायत के भरैन टोला चारों ओर से पानी से घिरे हैं। गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट जाने से हजारों लोग घरों में फंस गए हैं। अब गांव से बाहर निकलने का एकमात्र सहारा नाव ही बची है।
ग्रामीणों ने बताया कि बाजार जाने, दवा लाने, बैंक का काम करने या मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। निजी नाव संचालक एक बार आने-जाने के लिए प्रति व्यक्ति 40 रुपए किराया वसूल रहे हैं।
इधर, बगहा, पूर्णिया, अररिया, बक्सर, जहानाबाद, खगड़िया और बेतिया में सुबह-सुबह बारिश हुई है। ठंडी हवा चल रही है। आसमान में बादल छाए हैं। लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विभाग ने आज यानी शनिवार को प्रदेश के 5 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
आखिर क्यों हो रही इतनी उमस
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय बिहार में निचले स्तर पर पर्याप्त नमी मौजूद है, लेकिन बारिश कराने वाली मजबूत मौसमी प्रणालियां सक्रिय नहीं हैं। आसमान में बादल बन रहे, लेकिन वे अधिकांश स्थानों पर बारिश नहीं करवा पा रहे हैं।
बादलों के कारण धूप पूरी तरह नहीं निकल रही, जबकि हवा की रफ्तार भी कम है। इससे वातावरण में नमी लगातार बनी हुई है। पसीना जल्दी सूख नहीं पाता। यही वजह है कि लोगों को सामान्य गर्मी की तुलना में अधिक उमस महसूस हो रही है।
20 जुलाई से बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 जुलाई से बिहार में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। इसके बाद राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है।
बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तापमान में गिरावट आएगी और उमस से लोगों को राहत मिलेगी।











